चंदेरी: नगरपालिका परिषद चंदेरी में वित्तीय संकट के बीच कर्मचारियों की अधिक संख्या अब विवाद का कारण बन गई है। परिषद में वर्तमान आय से कहीं अधिक कर्मचारियों को वेतन देना पड़ रहा है। पूर्व अध्यक्षों द्वारा बिना शासन अनुमति के रखे गए दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों पर 23 सितंबर 2025 को हुई परिषद बैठक में निर्णय लिया गया था कि 1 सितंबर 2016 के बाद रखे गए ऐसे कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जाएं।
लेकिन अध्यक्ष दशरथ कोली ने 6 नवंबर को दोबारा बैठक बुलाकर पूर्व निर्णय को निरस्त करते हुए सभी कर्मचारियों को यथावत रखने का प्रस्ताव पारित करा दिया। इस पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रदीप शर्मा ने कलेक्टर, आयुक्त नगरीय प्रशासन भोपाल और संयुक्त संचालक ग्वालियर को पत्र भेजकर बताया कि बैठक नियमानुसार नहीं थी और प्रस्ताव शासन नियमों के विरुद्ध व लोकहित में नहीं है। नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 323 के तहत अब उच्च अधिकारी परिषद के इस निर्णय पर आगे की कार्रवाई कर सकते हैं।
