बेलेम, 10 नवंबर (वार्ता) ब्राजील के बेलेम शहर में 10 से 21 नवंबर तक आयोजित हो रहे संयुक्त राष्ट्र के कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज-30 (कॉप-30) सम्मेलन में दुनिया भर के अग्रणी नेता शामिल हो रहे हैं, लेकिन विश्व के दो सबसे बड़े प्रदूषणकर्ता देश चीन और अमेरिका ही इसे महत्व नहीं दे रहे हैं।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे, हालांकि उनके उप-प्रधानमंत्री डिंग ज़ुएक्सियांग जरूर चीन का प्रतिनिधित्व करेंगे। उल्लेखनीय है कि चीन के प्रतिनिधि इस सम्मेलन के अधिकांश हिस्से में भाग नहीं लेंगे।
वहीं अमेरिका ने कॉप-30 को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया है और उसका कोई भी प्रतिनिधि संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुआ। अमेरिका का शामिल नहीं होना हालांकि अपेक्षित था, क्योंकि वह पेरिस समझौते से दस साल पहले अलग हट गया था।
यूरोपीय संघ के संयुक्त अनुसंधान केंद्र के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक उत्सर्जन का लगभग 29.2 प्रतिशत अकेले चीन उत्सर्जित करता है, जबकि उसके बाद अमेरिका लगभग 11.1 प्रतिशत उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार है। तीसरे स्थान पर भारत आता है, जिसकी वैश्विक उत्सर्जन में हिस्सेदारी लगभग 8.2 प्रतिशत की है।
गौरतलब है कि इस वर्ष सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व ब्राजील में भारत के राजदूत दिनेश भाटिया कर रहे हैं।
