अमेरिका ने नाटो सहयोगियों, यूक्रेन को पांच अरब डॉलर के हथियारों के निर्यात पर लगाई रोक

वाशिंगटन, 09 नवंबर (वार्ता) अमेरिका ने यूक्रेन और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) सहयोगियों को अनुमानित पांच अरब डॉलर मूल्य के हथियारों के निर्यात पर रोक लगा दी है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इस बीच अमेरिका में कामबंदी रविवार को 40वें दिन में प्रवेश कर गया।

अधिकारी ने कहा, “कामबंदी से वास्तव में हमारे सहयोगियों, साझेदारों तथा अमेरिकी उद्योग को विदेशों में महत्वपूर्ण क्षमताओं का प्रदर्शन करने में नुकसान हो रहा है। डेनमार्क, क्रोएशिया और पोलैंड जैसे यूरोपीय सहयोगियों को अमराम मिसाइलों, एजिस लड़ाकू प्रणालियों और हिमार्स जैसी महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।”

उन्होंने कहा कि वर्तमान में रोके गए लेन-देन में व्हाइट हाउस से ब्रुसेल्स को सीधे हथियारों की बिक्री तथा निजी अमेरिकी रक्षा कंपनियों को हथियार निर्यात करने के लिए लाइसेंस देना शामिल है। शस्त्र निर्यात नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत शस्त्र बिक्री प्रस्तावों की कांग्रेस द्वारा समीक्षा करने के बाद इन विशेष बिक्री की प्रक्रिया सामान्यतः सीधी और निर्विवाद होगी।

उन्होंने कहा कि हाल ही में सरकार के कामबंदी से यह प्रक्रिया बहुत बाधित हुई है और धीमी हो गई है क्योंकि प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कांग्रेस समिति के कर्मचारियों को जानकारी देने के लिए जिम्मेदार विदेश विभाग के कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया है। समस्या तब और जटिल हो गयी जब जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच देश के राजनीतिक-सैन्य मामलों के ब्यूरो में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या पिछले महीने हथियारों की बिक्री के लिए अपने सामान्य स्तर के एक चौथाई से भी कम हो गयी है।

इस बीच यूक्रेन को आवश्यक हथियारों की आपूर्ति में देरी के लिए डेमोक्रेट्स को दोषी ठहराते हुए, रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने कहा कि इससे अमेरिका के रक्षा औद्योगिक आधार को काफी नुकसान पहुंचा है।.

प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने कहा, “डेमोक्रेट हमारे नाटो सहयोगियों सहित महत्वपूर्ण हथियारों की बिक्री को रोक रहे हैं, जिससे अमेरिकी औद्योगिक आधार को बहुत नुकसान पहुंच रहा है और हमारी तथा हमारे सहयोगियों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।”

अपने रिपब्लिकन सहयोगी के बयान को दोहराते हुए, सीनेट के विदेश संबंध के अध्यक्ष जेम्स रिस्क ने कहा, “चीन और रूस में कामबंदी नहीं हुयी हैं बल्कि अमेरिका और हमारे साझेदारों और सहयोगियों को कमजोर करने के उनके प्रयास आसान हो गए हैं, जबकि हमारा औद्योगिक आधार प्रभावित हो रहा है और हमारे सहयोगियों की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं।”

 

 

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