
रीवा। निगम आयुक्त डॉ सौरभ सोनवणे ने पहाडिय़ा स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान प्लांट परिसर में अव्यवस्था, कार्यों में लापरवाही तथा निर्धारित मानकों के उल्लंघन पर आयुक्त ने रेमकी कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए. साथ ही आयुक्त ने चेतावनी देते हुए कहा कि बाहर से आने वाले कचरे पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाय नही तो दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी.
निरीक्षण के दौरान रेमकी कंपनी से आए नेशनल हेड एम एन राव भी उपस्थित रहे. प्लांट में ठोस अपशिष्ट निस्तारण, मशीनरी संचालन, लीचेट प्रबंधन, पर्यावरणीय सुरक्षा, गाइडलाइन पालन तथा दुर्गंध एवं प्रदूषण नियंत्रण की वास्तविक स्थिति का अवलोकन कर निगम आयुक्त ने बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए. आयुक्त ने निर्देशित किया कि प्लांट परिसर में जमा कचरे का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए. बाहर से आने वाले कचड़े पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए अन्यथा दंडात्मक कार्यवाही के सख्त निर्देश दिए. आसपास के ग्रामीणों की शिकायतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने दुर्गंध, धूल और लीचेट नियंत्रण के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए. इसके लिए प्लांट परिसर के भीतर ही लीचेट प्रबंधन हेतु ड्रेनेज सिस्टम और पृथक तालाब का निर्माण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि लीचेट बाहर न फैल सके. निगमायुक्त ने दुर्गंध नियंत्रण के लिए बफर ज़ोन तैयार करते हुए 20,000 पौधारोपण करने तथा प्रत्येक वर्ष समान संख्या में पौधे लगाने के निर्देश दिए. मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर उन्होंने एनिमल कार्कस की क्षमता बढ़ाने के निर्देश भी दिए, ताकि मृत पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से शीघ्र निपटान हो सके. किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस दौरान उपायुक्त प्रकाश द्विवेदी, कार्यपालन यंत्री सिद्धार्थ सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी मुरारी कुमार, रैमकी प्रॉजेक्ट हेड उपस्थित रहे.
लगातार बाहर से आ रहा कचरा, ग्रामीणों का विरोध
पहडिय़ा कचरा प्लांट में अवैध रूप से बाहर से आरडीएफ लाए जाने की लगातार शिकायते मिल रही है.गत माह स्थानीय ग्रामीणो ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कई ट्रक पकड़े थे जो यूपी से आरडीएफ लेकर आए थे और इसकी शिकायत भी नगर निगम कमिश्नर से की गई थी. स्थानीय ग्रामीणो का आरोप है कि अनुबंध के मुताबिक केवल 28 यूएलबी का कचरा लाने की अनुमति है, बावजूद इसके उत्तर प्रदेश के जिलो से कचरा प्लांट में लाया जा रहा है.
