नयी दिल्ली, 07 नवंबर (वार्ता) केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि दिल्ली के अतिरिक्त देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी आरआरटीएस जैसी परिवहन प्रणालियां विकसित की जायेंगी।
उन्होंने गुरुग्राम में शुक्रवार को शहरी गतिशीलता भारत (यूएमआई) सम्मेलन और प्रदर्शनी 2025 के 18वें संस्करण के उद्घाटन के अवसर पर यह बात कही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और सीएनजी से परिवर्तित एक रेट्रोफिटेड इलेक्ट्रिक ऑटो में सवारी की।
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर सभी को शुभकामनाएं दीं और भारत के मोबिलिटी के इकोसिस्टम को आकार देने में यूएमआई सम्मेलन के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि लगभग 1,100 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क के साथ, भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है और शीघ्र ही दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा का उल्लेख करते हुए छोटे शहरों में 10,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की घोषणा की, जिनमें से 100 ई-बसें गुरुग्राम को मिलेंगी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मेट्रो यात्रियों की संख्या में सुधार के लिए अंतिम-मील से मेट्रो को जोड़ना एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मंत्रालय इस संबंध में प्रभावी उपायों को लागू करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करेगा।
मनोहर लाल ने यह भी कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन अपनी सहायक कंपनी – दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड के माध्यम से – भारत और विदेशों में परामर्श, निर्माण, टर्नकी परियोजनाओं, प्रबंधन सेवाओं और संचालन एवं रखरखाव संबंधी परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि डीएमआरसी अपनी अन्य सहायक कंपनी के माध्यम से देश भर में मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) की योजना, समन्वय और प्रबंधन में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय को सहयोग देने के लिए एक नोडल संगठन के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आरआरटीएस जैसी परिवहन प्रणालियां अन्य प्रमुख शहरों में भी विकसित की जाएंगी।
केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस 2025 में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और सीएनजी से परिवर्तित एक रेट्रोफिटेड इलेक्ट्रिक ऑटो में सवारी की।
इस अवसर पर आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गतिशीलता केवल परिवहन का एक साधन नहीं है, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास का भी प्रेरक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) जैसी पहल शहरी गतिशीलता में बदलाव ला रही हैं और पूरे भारत में यात्रियों के अनुभव को बेहतर बना रही हैं।
इस अवसर पर आवास एवं शहरी कार्य सचिव श्रीनिवास कटिकिथला ने अपने संबोधन में भारतीय शहरों की जीवन-क्षमता और स्थिरता को बढ़ाने के लिए एकीकृत शहरी विकास और गतिशीलता योजना के महत्व पर बल दिया।
इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, मेट्रो रेल कंपनियों के प्रबंध निदेशक, परिवहन उपक्रमों के प्रमुख, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ और शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इस वर्ष के सम्मेलन में 1600 से अधिक प्रोफेशनल और शिक्षाविद भाग ले रहे हैं।
यह तीन दिवसीय कार्यक्रम आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और हरियाणा सरकार द्वारा शहरी परिवहन संस्थान (भारत) और गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के माध्यम से संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है।

