
मंडला. जिला मुख्यालय के सुभाष वार्ड स्थित जैन मंदिर के सामने बड़ी संख्या में सरकारी फॉलिक एसिड और आयरन सिरप की एक्सपायरी बोतलें खुले में फेंकी हुई मिली हैं। इस चौंकाने वाली घटना ने सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि मीडिया के माध्यम से सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और सीएमएचओ के निर्देश पर तत्काल डॉक्टरों की एक टीम मौके पर पहुंची।
बताया गया कि स्वास्थ्य टीम ने मौके से पांच दर्जन से अधिक एक्सपायरी दवाओं की बोतलों को एकत्र किया और उन्हें जब्त कर लिया। ये दवाएँ आमतौर पर छोटे बच्चों को पीने के लिए होती हैं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कायक्रमों के तहत वितरित की जाती हैं। बताया गया कि सरकारी दवाओं को नष्ट करने के लिए निश्चित और कड़े नियम हैं, जिनका पालन अनिवार्य होता है। बावजूद इसके इतनी बड़ी तादाद में इन एक्सपायरी दवाओं को शहर के बीचों-बीच खुले में फेंकना विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करता है।
वितरण में अनियमितता की आशंका :
ये सरकारी दवाएं जमीनी स्तर पर लाभार्थियों तक वितरण के लिए सामान्यत: आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी जाती हैं। खुले में मिली ये दवाएं लापरवाही और अनियमित्ताओं की ओर इशारा करती हैं। इस लापरवाही से लगता है कि इनका वितरण शायद केवल कागजों पर ही पूरा कर दिया गया हो और वास्तविक लाभार्थियों तक ये पहुंची ही न हों। यह न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी को भी दर्शाती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने इस बड़ी चूक के लिए जांच करने की बात कही है, जिससे जिम्मेदार व्यक्ति या कर्मचारियों की पहचान कर उन पर उचित कार्रवाई की जा सके।
