कल्ली, योगी गैंग से पुलिस की मुठभेड़, 2 जवान घायल

ग्वालियर। एक महीने से परेशान किए हुए डकैत गैंग को आखिर पुलिस ने घेर ही लिया पर किस्मत ने इस बार भी डकैतों का साथ दिया। दोनों तरफ से गोलीबारी हुई और घनी रात, घना जंगल डकैतों के लिए मददगार साबित हुआ। वे इस बार मौके का फायदा उठाकर भाग निकले पर अपने पीछे काफी सारे सबूत छोड़ गए हैं, जिन्हें समेट कर पुलिस ने नामजद डकैतों के खिलाफ बीएनएस की धारा हत्या के प्रयास के साथ-साथ अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

*रात गुजारने मंदिर पर पहुंचे थे डकैत*

पुलिस को छका रही कल्ली गुर्जर, योगी की गैंग रात गुजारने के लिए एक मंदिर पर पहुंची ही थी कि किसी ने जाकर पुलिस के कान में फूंक दिया कि यदि तुरंत ही पुलिस एक्शन ले तो डकैत गैंग को पटका जा सकता है। बस फिर क्या था, सूचना मिलते ही पुलिस फौरन से पेश्तर हरकत में आई तो उस मंदिर तक पहुंचने की तैयारी शुरु कर दी जहां डकैतों के पनाह लिए जाने की सूचना थी।

*पुलिस ने डकैतों को रात में ही घेर लिया*

इस गैंग के विश्वमित्र मंदिर पर होने की खबर थी। पुलिस के पास रात में दस बजे यह खबर पहुंची थी और इसके बाद थाना प्रभारी महावीर सिंह गुर्जर अपने साथ पुलिस फोर्स को लेकर पैदल-पैदल निकले और रात तीन बजे जमरोहा स्थित इस मंदिर की तीन तरफ से घेराबंदी की। पुलिस ने डकैतों को घेरने के बाद चेतावनी दी कि आप लोग सभी तरफ से घिर गए हो, बेहतर होगा कि आप सरेंडर कर दें। इसके जवाब में पुलिस वालों को डकैतों की ओर गालियां सुनने को मिलीं। इसके बाद डकैतों ने मंदिर की छत पर पहुंचकर फायरिंग शुरु कर दी। पुलिस पार्टी भी घातक हथियारों से लैस थी। डकैतों की फायरिंग देख पुलिस वालों ने भी उन पर इंसास से लेकर एके-47 तक से फायर किया। पिस्टल से भी पुलिस वालों ने गोलियां चलाई और जब डकैतों को दिखा कि पुलिस तो जान ही ले लेगी तो उन्होंने भागने में ही भलाई समझी और रात के अंधेरे में कूदते-फांदते गायब हो गए। डकैतों ने पुलिस पर 17 राउंड फायर ठोके। इसमें दो पुलिस वाले घायल हो गए

 

*मंदिर में यह दिखे गैंग के सदस्य*

पुलिस पार्टी को मंदिर में कल्ली उर्फ किलेदार गुर्जर, योगी उर्फ योगेंद्र गुर्जर, रामवृज गुर्जर और रवि गुर्जर तो मंदिर में लगी लाइट की रोशनी में साफ-साफ दिख गए। एक अन्य बदमाश भी इनके साथ था। डकैतों की ओर से पुलिस पर 17 राउंड फायर किए गए। पुलिस ने चले हुए खोखे बरामद कर लिए हैं। फायरिंग में बेहट थाना प्रभारी महावीर सिंह, आरक्षक अरविंद चकवा के शरीर से खून भी निकला।

पुलिस के साथ लुकाछिपी का खेल खेल रहे इस गिरोह की उलटी गिनती शुरु हो गई है। अभी तक तो इनकी परछाई तक नहीं दिख रही थी। अब यह पुलिस के सामने पड़ चुके हैं। पुलिस पर फायर ठोक चुके हैं।

*पुलिस कप्तान ने कहा…*

हालांकि बुधवार गुरुवार की रात हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में यह पुलिस को चकमा दे गए पर अब यह खेल ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है। हमें उस बच्चे की भी फिक्र है जो इनके पास है। इसलिए हम हर कदम फूंक-फूंककर उठा रहे हैं।

धर्मवीर सिंह, पुलिस कप्तान, ग्वालियर

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