
सतना :जिला चिकित्सालय परिसर में सक्रिय निजी एंबुलेंस संचालक सहित कई दलालों द्वारा मरीजों को बरगलाकर निजी क्लीनिक या हास्पिटल में ले जाने के साथ ही अब दूसरे तरीके से घुसपैठ शुरु कर दी गई है. मरीजों को लुभाने के लिए निजी हास्पिटल अथवा क्लीनिकों की होर्डिंग्स ने जिला चिकित्सालय के मुख्य गेट को ही ढंकना शुरु कर दिया है. यही हाल रहा तो कुछ दिनों में ही जिला चिकित्सालय का गेट और चहरदिवारी निजी संस्थाओं के प्रचार से ढंक जाएगी.
जिला चिकित्सालय परिसर में सक्रिय निजी एंबुलेंस संचालक, कुछ आशा-ऊषा कार्यकत्र्ता और कुछ दलाल हर वक्त मंडराते हुए वहां पहुंचने वाले मरीजों को बरगलाने की कोशिश में लगे रहते हैं. जिसके पीछे का कारण यह है कि मरीजों को जिला चिकित्सालय से निजी हास्पिटल अथवा क्लीनिक ले जाए जाने पर वहां पर होने वाली जांच और उपचार से लेकर दवाओं की खरीद जैसे सभी स्तरों पर दलालों का कमीशन बंधा रहता है. लेकिन अब कुछ निजी हास्पिटल और क्लीनिक संचालकों ने इससे भी आगे बढ़ते हुए जिला चिकित्सालय परिसर के चारों ओर अपने प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग्स और बैनर लगाना शुरु कर दिया है.
आलम यह है कि कन्या महाविद्यालय से शुरु होते हुए होर्डिंग्स की यह भरमार जिला चिकित्सालय के मुख्य गेट तक पहुंच चुकी है. एक निजी हास्पिटल द्वारा अपनी हृदय रोग जांच शिविर से संबंधित बड़ी होर्डिंग को तो जिला चिकित्सालय के बोर्ड के ठीक नीचे चहरदिवारी पर चस्पा करा दिया गया है. वहीं एक गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट द्वारा जिला चिकित्सालय के मुख्य गेट के बगल में ही अपनी क्लीनिक का अवैध बोर्ड गाड़ रखा है. इतना ही नहीं बल्कि उक्त क्षेत्र में आस पास लगे सारे विद्युत खंबे भी इसी तरह के निजी हास्पिटल, क्लीनिक और जांच केंद्रों के प्रचार-प्रसार से पटते जा रहे हैं.
ननि बनाम अस्पताल प्रशासन
सिविल सर्जन सह अधीक्षक जिला चिकित्सालय डॉ. मनोज शुक्ला का कहना है कि अस्पताल परिसर के अंदर किसी भी निजी संस्थान को अपना प्रचार-प्रसार करने की अनुमति नहीं है. यदि मुख्य गेट के बाहर होर्डिंग्स लगाई गई हैं तो उन्हें हटाने की कार्रवाई नगर निगम द्वारा की जानी चाहिए. फिर भी वे इस मामले को संज्ञान में लेते हुए सीएमएचओ से चर्चा करेंगे और साथ ही नगर निगम को कार्रवाई के लिए कहा जाएगा. मामले का काबिलेगौर पहलू यह भी है कि शहर के निर्माण कार्यों सहित अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर नजर गड़ाए रहने वाला ननि का अतिक्रमण दस्ता इस तरह की कार्रवाई करने में कोई रुचि नहीं दिखाता. लिहाजा मामले से पल्ला झाडऩे की कवायद के चलते अतिक्रमण दस्ते के जिम्मेदारों द्वारा जिला चिकित्सालय परिसर के आस पास लगी अवैध होर्डिंग्स को हटाने के लिए अस्पताल प्रशासन से शिकायत मिलने की दरकार की जाती है
