मेला व्यापारियों ने कमर कसी, कल सोमवार से गैरमियादी धरना देने का ऐलान

ग्वालियर। ग्वालियर व्यापार मेला में पिछली कई पीढ़ियों से अपनी दम पर दुकानें, गुमठियां लगाकर कुछ माह के लिए अपने परिवार का भरण पोषण सुनिश्चित करने की जद्दोजहद करने वाले गरीब, निम्नमध्यम वर्ग के दुकानदारों की दुकानें नए नए नियमों में उलझाकर ऐन केन प्रकारेण छीनने की साजिशें रची जा रही हैं। मेला प्राधिकरण के कर्ताधर्ताओं ने गुपचुप ढंग से सैकड़ों दुकानदारों की सूची भी बना ली है, जिन पर कैंची चलाकर राजनीति और प्रशासन में रसूख रखने वाले अपने उन कारोबारी मित्रों को उपकृत करने की तैयारी कर ली है। ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ द्वारा आज रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया, सचिव महेश मुदगल एवं संयुक्त अध्यक्ष व प्रवक्ता अनिल पुनियानी ने रोष जताते हुए कहा कि ऐसे वक्त जब मेला प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया ऑनलाइन पोर्टल ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है और आए दिन सर्वर डाउन एवं बिजली गुल रहने के चलते कंप्यूटरों के काम न करने से बड़ी संख्या में सुपात्र दुकानदार भी ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, इसके बावजूद मेला प्राधिकरण ने बेहद जल्दबाजी दिखाते हुए ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख छह नवंबर निर्धारित कर दी है। मेला प्राधिकरण यह अच्छी तरह जानता है कि वर्तमान अव्यवस्था और अफरातफरी के चलते किसी भी सूरत में सभी पात्र दुकानदारों के छह नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन करना असंभव है, ऐसी स्थिति में प्राधिकरण को पुराने दुकानदारों को दुकानों से वंचित करने और मनचाहे नए लोगों को दुकानें आवंटित करने का मौका मिल जाएगा। मेला प्राधिकरण के कर्ताधर्ता इसी फिराक में हैं, जिसे मेला के पुराने दुकानदार किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने देंगे भले ही इसके लिए उन्हें आमरण अनशन या आत्मदाह कर अपनी जान ही क्यों न देनी पड़े।

मेला व्यापारी संघ ने मेला प्राधिकरण प्रशासन से मांग की है कि वह अपने पूर्व के आदेश को संशोधित कर मेला के विभिन्न सेक्टरों में दुकानों के ऑनलाइन आवंटन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 06 नवंबर से बढ़ाकर 10 दिसंबर कर दी जाए ताकि एक भी सुपात्र दुकानदार अपने हक की दुकान से वंचित न रहे और व्यापारीविरोधी ताकतों के नापाक मंसूबे सफल नहीं हो सकें। यदि ऑनलाइन आवेदन की अन्तिम तिथि नहीं बढ़ाई गई तो मेला व्यापारी संघ के नेतृत्व में सभी दुकानदार अपनी एकजुटता और संघर्ष का संकल्प जताते हुए 03 नवंबर से मेला प्राधिकरण मुख्यालय पर गैरमियादी धरना देंगे। तब भी मांग नहीं मानी गई तो इस आंदोलन को आमरण अनशन का स्वरुप दिया जाएगा।

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