
ग्वालियर। सातवां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी में वर्तमान चुनौतियों के लिए सतत एवं नवोन्मेषी समाधान” विषय पर आज शुरू हुआ। इसका उद्घाटन माधव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), ग्वालियर में सॉफ्ट कम्प्यूटिंग रिसर्च सोसाइटी के सहयोग से हुआ। उद्घाटन सत्र की शुरुआत प्रो. मंजरी पंडित, प्रो-वाइस चांसलर, एमआईटीएस-डीयू ग्वालियर एवं सम्मेलन की जनरल चेयर द्वारा सम्मेलन से संबंधित प्रमुख आँकड़े प्रस्तुत करने से हुई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कुल 792 शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 63 शोध पत्र स्वीकार एवं पंजीकृत किए गए। समीक्षा प्रक्रिया में 632 विशेषज्ञों ने भाग लिया और स्वीकृति दर मात्र आठ फीसदी रही। सम्मेलन के दौरान कुल 15 तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं (1 ऑफलाइन एवं 14 ऑनलाइन)। शोध पत्र बांग्लादेश, फिजी, भारत, इराक, मोरक्को, पेरू, सऊदी अरब, सर्बिया, श्रीलंका, स्विट्ज़रलैंड, अमेरिका और वियतनाम सहित 12 देशों से प्राप्त हुए, जो सम्मेलन की वैश्विक भागीदारी और विविधता को दर्शाते हैं। प्रो. मोहम्मद शोरिफ उद्दीन, जहांगीरनगर विश्वविद्यालय, बांग्लादेश एवं सम्मेलन के जनरल चेयर ने आयोजन समिति को इसकी वैश्विक पहचान और उत्कृष्ट स्वीकृति दर के लिए बधाई दी।
डॉ. आर. के. पंडित, कुलपति, एमआईटीएस-डीयू ग्वालियर एवं सम्मेलन के संरक्षक, ने अपने संबोधन में नवाचार, सततता और प्रौद्योगिकीगत प्रगति को समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उद्घाटन सत्र में कांफ्रेंस के मुख्य संरक्षक प्रो. के. के. अग्रवाल, माननीय प्रो-चांसलर, एमआईटीएस-डीयू एवं प्रेसिडेंट, साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली, ने प्रेरणादायक उद्बोधन दिया। उन्होंने इंडस्ट्री 4.0 से इंडस्ट्री 5.0 की ओर हो रहे परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए सतत एवं मानव-केंद्रित तकनीकी विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
