ग्वालियर: सिरोल थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टे के जाल में फंसे एक भूसा कारोबारी के बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने दो पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने 5-6 लोगों पर उसे सट्टे में फंसाने, कर्ज के जाल में डालने और धमकाने का आरोप लगाया है। युवक पर करीब 20 लाख रुपए का कर्ज था। सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत के लिए इन्हीं लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए माता-पिता से माफी मांगी है।
घटना सिरोल थाना क्षेत्र के हुरावली ए ब्लॉक की है। मृतक की पहचान 29 वर्षीय मनीष किरार, पिता सोबरन सिंह किरार (भूसा कारोबारी) के रूप में हुई है। सुबह करीब 7 बजे मनीष का शव भूसे की टाल में फंदे से लटका मिला। घटना का पता तब चला जब उसकी मां उसे चाय देने पहुंची।मनीष ने सुसाइड नोट में लिखा कि कुछ लोगों ने उसे ऑनलाइन सट्टे की लत में फंसा दिया था। उन्होंने जल्दी अमीर बनने का सपना दिखाया और सट्टा खेलने के लिए पैसे भी उधार दिए। धीरे-धीरे मनीष पर करीब 20 लाख रुपए का कर्ज हो गया। कर्ज चुकाने के दबाव में उसने नौकरी लगवाने के झांसे में आकर कुछ लोगों को और पैसे दे दिए, जो वापस नहीं मिले।
दो पेज के सुसाइड नोट में मनीष ने अपने माता-पिता से माफी मांगी है। उसने लिखा- “पापा चाहते थे कि मैं पढ़-लिखकर उनका नाम रोशन करूं, पर मैं ऐसा नहीं कर पाया। मम्मी-पापा, मैं अच्छा बेटा नहीं बन सका। सॉरी, मुझे माफ कर देना। मैं गलत संगत में फंस गया था, लेकिन आपको टेंशन नहीं देना चाहता था।” मनीष ने अपनी बर्बादी का जिक्र करते हुए कहा कि वह अब इस कर्ज और धमकियों से परेशान होकर जीवन समाप्त कर रहा है सिरोल थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टे के जाल में फंसे एक भूसा कारोबारी के बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने दो पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने 5-6 लोगों पर उसे सट्टे में फंसाने, कर्ज के जाल में डालने और धमकाने का आरोप लगाया है। युवक पर करीब 20 लाख रुपए का कर्ज था। सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत के लिए इन्हीं लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए माता-पिता से माफी मांगी है।
घटना सिरोल थाना क्षेत्र के हुरावली ए ब्लॉक की है। मृतक की पहचान 29 वर्षीय मनीष किरार, पिता सोबरन सिंह किरार (भूसा कारोबारी) के रूप में हुई है। सुबह करीब 7 बजे मनीष का शव भूसे की टाल में फंदे से लटका मिला। घटना का पता तब चला जब उसकी मां उसे चाय देने पहुंची।
मनीष ने सुसाइड नोट में लिखा कि कुछ लोगों ने उसे ऑनलाइन सट्टे की लत में फंसा दिया था। उन्होंने जल्दी अमीर बनने का सपना दिखाया और सट्टा खेलने के लिए पैसे भी उधार दिए। धीरे-धीरे मनीष पर करीब 20 लाख रुपए का कर्ज हो गया। कर्ज चुकाने के दबाव में उसने नौकरी लगवाने के झांसे में आकर कुछ लोगों को और पैसे दे दिए, जो वापस नहीं मिले।
दो पेज के सुसाइड नोट में मनीष ने अपने माता-पिता से माफी मांगी है। उसने लिखा- “पापा चाहते थे कि मैं पढ़-लिखकर उनका नाम रोशन करूं, पर मैं ऐसा नहीं कर पाया। मम्मी-पापा, मैं अच्छा बेटा नहीं बन सका। सॉरी, मुझे माफ कर देना। मैं गलत संगत में फंस गया था, लेकिन आपको टेंशन नहीं देना चाहता था।” मनीष ने अपनी बर्बादी का जिक्र करते हुए कहा कि वह अब इस कर्ज और धमकियों से परेशान होकर जीवन समाप्त कर रहा है
