
मण्डला। शुक्रवार को किसानों का आक्रोश उस वक्त खुलकर सामने आया जब सैकड़ों किसान अपनी मांगों को लेकर कटरा बायपास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-30 पर उतर आए। किसानों ने सडक़ पर बैठकर जोरदार नारेबाजी की और मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण मंडला-जबलपुर मार्ग पर यातायात ठप्प हो गया। हालांकि बाद में प्रशासन की समझाइश के बाद किसानों ने जाम खोल दिया। सुबह से शुरू हुए इस आंदोलन में किसानों ने कहा कि हाल ही में कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में पलारी फसल अवशेष जलाने पर किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिए गए हैं। किसानों ने इसे अन्यायपूर्ण और असंवेदनशील निर्णय बताते हुए आदेश को तत्काल निरस्त करने मांग की। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के बाद खेत में बचे अवशेष जलाना उनकी मजबूरी है क्योंकि पर्याप्त मशीनें और साधन उनके पास नहीं हैं। ऐसे में इस आदेश से किसानों पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा। प्रदर्शन में शामिल किसान संगठनों ने कहा कि प्रशासन को पहले किसानों के हालात समझने चाहिए न कि उन पर दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पलारी के अलावा खाद की किल्लत, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, और फसल बीमा भुगतान में देरी भी किसानों के लिए गंभीर समस्या है। कई किसानों ने कहा कि सरकारी दफ्तरों में शिकायतें करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती इसलिए अब सडक़ पर उतरना उनकी मजबूरी बन गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम और तहसीलदार सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि किसानों की मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा और कलेक्टर तक पूरी बात पहुंचाई जाएगी। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से जाम समाप्त कर दिया और सडक़ को यातायात के लिए खोल दिया गया। जाम के कारण एनएच-30 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। वहीं यहां से किसानों ने ट्रेक्टर रैली जो नगर भ्रमण करते हुए महाराजपुर की ओर रवाना हुई। इस दौरान किसान अपने ट्रेक्टर के साथ पहुंचे थे जिसका कांरवा देखते ही बन रहा था। हालाकि पुलिस और यातायात विभाग ने व्यवस्था पर काफी सुधार किया हुआ था इसके बाद भी लोग परेशान देखे गए।
