बेमौसम बारिश से धान पर संकट, खड़ी फसल खेतों में गिरी

सतना: इस बार मानसून की मेहरबानी की वजह से जिले में न सिर्फ धान की खेती का रकबा बढ़ा था, बल्कि उत्पादन भी रिकार्ड तोड़ होने वाला था. लेकिन चक्रवताी तूफान मोंथा के असर ने किसानों की तीन महीने की जी तोड़ मेहनत पर पानी फेर दिया. बेमौसम बारिश के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है, जिसके पानी में भीगकर सडऩे की चिंता ने किसानों को हलाकान करना शुरु कर दिया है.

हलांकि शहर सहित जिले में विभिन्न स्थानों पर मौसम की प्रतिकूलता पिछले 3 दिनों से बनी हुई थी. जिसके चलते अलग अलग स्थानों पर हवाओं के साथ बारिश होने की घटनाएं सामने आ रही थी. लेकिन मौसम विभाग द्वारा जताए गए पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार को जिले भर में रुक रुक कर बारिश का सिलसिला आरंभ हो गया. मौसम के बदले तेवर के चलते एक ओर जहां दिन के अधिकतम तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई. वहीं दूसरी ओर जारी रही बारिश के चलते जनजीवन पर भी व्यापक असर पड़ता दिखाई दिया. नतीजतन देखते ही देखते गर्म कपड़े और कंबल समय से पहले ही बाहर निकल आए.

लेकिन मौसम की इस प्रतिकूलता का सबसे अधिक खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. पिछले 3 दिनों से बादलों का जमघट और जिले के विभिन्न स्थानों पर रुक रुक कर हुई बारिश के चलते धान की फसल पर संकट गहराने लगा था. वहीं गुरुवार को बारिया के बढ़े हुए सिलसिले ने धान की फसल को खराब हो जाने के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया. जिले के कोठी क्षेत्र के किसान शिव नारायण कुशवाहा ने बताया कि इस बार हुई अच्छी बारिश धान की खेती के लिए वरदान साबित हुई थी. जिसके चलते किसानों ने तीन महीने तक जी तोड़ मेहनत कर धान की फसल तैयार की.

लेकिन जब फसल पूरी तरह तैयार हो गई तो ऐन वक्त पर हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. इसी कड़ी में नागौद के दुरेहा गांव के निवासी छोटेलाल द्विवेदी ने बताया कि कुछ किसानों की धान की फसल पकने लगी थी. लेकिन बारिश के चलते वह खेतों में गिर गई. वहीं बारिश से खेत में पानी भर जाने के कारण धान सड़ जाएगी. वहीं रामपुर बघेलान के बेला क्षेत्र के निवासी लालमन पटेल ने बताया कि यदि मौसम साफ हो जाए तो धान के कुछ हिस्से को बचाने का प्रयास किया जा सकता है. लेकिन यदि आगे भी मौसम ऐसा ही बना रहा तो धान का एक दाना भी खेत से किसानों के घर में नहीं पहुंच पाएगा.
 सर्वे किया जाए-गणेश
मौसमी प्रतिकूलता की वजह से किसानों के कष्ट को देखते हुए सतना लोकसभा क्षेत्र के सांसद गणेश सिंह ने जिला प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा है कि धान की फसल को जो नुकसान पहुंचा है उसका सर्वे किया जाए. सांसद श्री सिंह ने निर्देश दिया है कि बारिश के कारण धान की फसलें जो पूरी तरह पक कर खड़ी हैं, उनको भारी नुकसान पहुंचा है. धान के खेतों में पानी भरा हुआ है और अब सडऩ लेने की स्थिति में आ गई है. किसान पकी फसल की इस हालत को देखकर अत्यंत दुखी है. लेकिन प्रकृति के आगे सब मजबूर हैं. जिन किसानों को इसमें नुकसान हुआ है उनके फसल का सर्वे किया जाए और फार्मेसी एक्ट में जो प्रावधान है उसका लाभ किसानों को दिया जाए.

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