
नारायणगंज। जनपद पंचायत नारायणगंज की ग्राम पंचायत पड़रिया में स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित सामुदायिक स्वच्छता परिसर पर सालों से ताला लटक रहा है। लाखों की लागत से बनी यह सुविधा पंचायत प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण औचित्यविहीन साबित हो रही है, जिससे ग्रामीणों को आज भी खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जानकारी अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में ग्राम निधि के खाते से सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए धन मुक्त किया गया था। यह स्वच्छता परिसर भवन बनकर सालों से तैयार है, लेकिन इसका ताला अभी तक नहीं खुल सका। बताया गया कि सुविधाघर कागजों पर संचालित हो रहा है। इसके रखरखाव और देखरेख के नाम पर सालों से शासकीय राशि का गमन किया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि शौचालय उपयोग के लिए बंद पड़े हैं। न तो इनकी साफ-सफाई होती है और न ही देखरेख।
मंदिर के नजदीक भी लोग परेशान :
यह स्वच्छता परिसर भवन सिद्ध हनुमान जी के मंदिर के ठीक नजदीक बना हुआ है। सुबह और शाम के समय यहाँ लोग टहलने और दर्शन करने आते हैं। लोगों की लगातार आवाजाही के बावजूद पंचायत प्रशासन की उदासीनता चरम पर है। ताला जड़ देने की इस कार्यप्रणाली ने पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।
सिर्फ कागजों में वाहवाही लूटने में लगी पंचायत :
पड़रिया पंचायत जो कि जनपद पंचायत मुख्यालय की मुख्य पंचायत है, स्वच्छता अभियान में हमेशा से पीछे रही है। चाहे वह गांव की साफ-सफाई हो या कचरा घरों की व्यवस्था, पंचायत प्रशासन ने जमीनी हकीकत को नजर अंदाज करते हुए केवल कागजों पर अपने कार्य की वाहवाही लूटने का सहारा लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन की इस लापरवाही से वे परेशान हैं और मजबूरी में खुले में शौच करने को विवश हैं।
