सारनी:सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट (एसटीपीपी) का बिजली उत्पादन एक दशक बाद पूरी तरह ठप हो गया है। बुधवार को 250 मेगावाट क्षमता वाली 10 और 11 नंबर इकाइयों को बिजली की मांग न होने के कारण बंद करना पड़ा, जिससे पावर प्लांट का उत्पादन शून्य पर आ गया।जानकारी के अनुसार, सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट की दो बड़ी और सिंगाजी पावर प्लांट की तीन इकाइयां भी बंद कर दी गई हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम ग्रिड पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि फिलहाल प्रदेश में बिजली की डिमांड घट गई है।
गौरतलब है कि सतपुड़ा पावर प्लांट की 9 इकाइयां पहले ही नीलाम हो चुकी हैं, जबकि 5 इकाइयों को जमींदोज किया जा चुका है। अब शेष 4 बड़ी इकाइयों को बेचने और उनके डिस्मेंटल का कार्य शुरू किया जाएगा।फिलहाल प्लांट में केवल दो यूनिटें (10 व 11 नंबर) ही उत्पादन कर रही थीं, जिन्हें आदेश मिलते ही बंद कर दिया गया।
कभी प्रदेश की ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ रहा सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट अब इतिहास के पन्नों में सिमटता जा रहा है। अधिकारी और कर्मचारी अब भी अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात हैं, जबकि प्लांट का चिमनी अब धुआं नहीं उगल रही
इनका कहना है
सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट में 10 एवं 11 नंबर इकाई से बिजली उत्पादन चल रहा था। जबलपुर मुख्यालय से आदेश मिलते ही बुधवार 10 नंबर इकाई को दोपहर 12,40 बजे एवं 11 नंबर इकाई दोपहर 1,24 बजे बंद करना पड़ा है। बिजली की डिमांड नहीं होने की वजह से सारनी की दो यूनिट एवं सिंगाजी पावर प्लांट की 3 यूनिटों को बंद किया गया है।
एसएन सिंह, एडिशनल चीफ इंजीनियर पावर प्लांट सारनी
