इंदौर: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगामी 3 नवम्बर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी. बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा. प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा. प्रारूप मतदाता सूची के संबंध में दावा-आपत्तियों के आवेदन 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे. प्राप्त दावे-आपत्तियों के सुनवाई और प्रामाणिकरण के बाद 7 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा.
यह जानकारी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक में दी गई. बैठक में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी पंवार नवजीवन विजय, सहायक उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारी और राजनीतिक दलों के पदाधिकारी मौजूद थे. बैठक में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यक्रम, प्रक्रिया और इस संबंध में निर्वाचन आयोग से प्राप्त दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई.
कलेक्टर ने कहा कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से शुद्ध मतदाता सूची पारदर्शी रूप से तैयारी की जाएगी. इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा भी उन्होंने व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह कार्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम और दिए गए दिशा-निर्देशानुसार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से छूटे नहीं और अपात्र का नाम जुड़े नहीं.
तीन बार जाएंगे मतदाता के घर
बैठक में बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत घर-घर जाकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा. जिले के सभी 2625 मतदान केन्द्रों के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की नियुक्ति कर उन्हें उक्त कार्य के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा. बीएलओ प्रत्येक मौजूदा मतदाता को गणना प्रपत्र वितरित करेंगे. मतदाता को अपना नाम या अपने परिजन का नाम वर्ष 2002-2004 के दौरान आयोजित पिछले पुनरीक्षण से मिलान या लिंक करने में मदद करेंगे. नए मतदाताओं के नाम को जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और घोषणा प्रपत्र एकत्र करेंगे तथा मिलान/लिंकिंग में सहायता करेंगे. बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर पर कम से कम 3 बार जाएंगे. मतदाताओं के सहयोग के लिए वॉलेंटियर भी नियुक्त किए जाएंगे. निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशानुसार यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी मतदान केन्द्र में 1200 से अधिक मतदाता नहीं हो.
