
छतरपुर। जिले में बस संचालकों की मनमानी पर आखिरकार परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाई है। अखिल भारतीय ग्राहक सेवा पंचायत, महाकौशल प्रांत की शिकायत पर आरटीओ विभाग ने सोमवार देर रात छतरपुर बस स्टैंड पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान छतरपुर से कोटा जा रही बस (AR 11 E 6777) को वैध दस्तावेज न होने के कारण जब्त कर लिया गया।
तीन गुना किराया और फर्जी टिकट का आरोप:
ग्राहक सेवा पंचायत ने आरटीओ को सौंपे आवेदन में आरोप लगाया कि जिले में कई बस संचालक निर्धारित दर से तीन गुना तक अधिक किराया वसूल रहे हैं। यात्रियों को वैध टिकट नहीं दिए जाते, जिससे जीएसटी चोरी की जा रही है। साथ ही, कई बसें “पर्यटन बस” के नाम पर बिना अनुमति मालवाहक के रूप में चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है।
यात्रियों को हुई भारी परेशानी:
बस जब्त होने से उसमें सवार छात्र, महिलाएं और अन्य यात्रियों को सड़क पर उतरना पड़ा। कोटा जा रहे छात्र योगेश ने बताया कि उससे 2500 किराया वसूला गया, जो तय दर से तीन गुना अधिक है।
RTO ने की जांच शुरू, टिप्पणी से इनकार:
मामले पर आरटीओ अधिकारी मधु सिंह ने कहा कि जांच जारी है, हालांकि उन्होंने विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया।
