
जबलपुर। गोहलपुर थाना अंतर्गत मनमोहन नगर सामुदायिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जिम्मेदारों की लापरवाही से खुले पड़े चेंबर ने दो मासूमों की जिंदगियां लील ली। रविवार शाम इसमें गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। पीएम के बाद सोमवार को जब परिजनों को शव सौंपा गया गया तो माता-पिता शवों से लिपटकर रोते बिलखते रहे। मासूमों की लाशों को देख रूक कांप उठी थी। मंजर ऐसा था कि मां बेसुध थी तो पिता सदमे में थे। जिगर के टुकड़ों के सिर पर हाथ फेर माता पिता कलेजा फाड़ देने वाली चीत्कार की आवाज के साथ चीख पुकार मचाते रहे माता पिता की पीड़ा देख वहां मौजूद हर आंख नम थी। जब अंतिम संस्कार के लिए शवों को पैतृक गांव कुंडम देहरी खुर्द ले जाया गया तो माहौल और भी गमगीन हो गया। परिजनों कां यकीन ही नहीं हो रहा था हंसी खुशी घर से क्रिकेट खेलने निकले उनके बच्चे अब इस दुनिया में नहीं रहे। नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई।
यह हुई थी घटना-
पुलिस के मुताबिक राजेश विश्वकर्मा 39 वर्ष निवासी त्रिमूर्तिनगर चौथी गली ड्रायवरी का काम करता है। रविवार शाम लगभग 5-30 बजे उसका बड़ा बेटा विनायक विश्वकर्मा 12 वर्ष एवं छोटा बेटा कान्हा विश्वकर्मा 10 वर्ष मोहल्ले के अन्य लडक़ों के साथ घर के पीछे मैदान में क्रिकेट खेल रहा था खेलते खेलते बाल मनमोहन नगर अस्पताल की बाउण्ड्री बाल के अंदर चली गई तो दोनों लडक़े गेंद ढूढऩे अस्पताल की बाउण्ड्री बाल के अंदर कूद गये एवं गेद तलाश करते करते अस्पताल में बनी सेप्टिक के अंदर गिर गये सेप्टिक टेंक में पानी में डूबने से दोनों की मौत हो गई थी।
करोड़ों का ठेका, सुरक्षा-सफाई फिर भी व्यवस्था चरमराई: विनय
मनमोहन नगर के शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में दो बच्चों की मौत के बाद सोमवार को पहुंचे पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने जिम्मेदार अधिकारियों को दुर्दशा, लापरवाही और अनियमितता बताई। साथ ही गंभीरता से जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि अस्पताल के पीछे चौतरफा कचरे का अंबार, आवासीय परिसर में बिजली के खुले तार है। श्री सक्सेना ने मौके पर मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से बातचीत के दौरान यह ज्ञात हुआ कि जिले के सरकारी अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सफाई और सुरक्षा के नाम पर करोड़ों रुपयों का सरकारी ठेका निजी कंपनियों को दिया गया है। इनमें से सफाई कार्य के नाम पर ग्वालियर की प्रकाश सिक्योरिटी सर्विसेस एंड वर्कर कॉन्ट्रेक्टर नाम की कंपनी सरकार से 27 लाख रुपया महीना यानि 3 करोड़ 24 लाख रुपया सालाना वसूल कर रही है तो वही सुरक्षा के नाम पर भोपाल की स्काई बुल नाम की कंपनी के हाथों में 1करोड़ 20 लाख रुपयों ठेका है कंपनी ने मनमोहन नगर के सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पाँच कर्मचारी तैनात कर रखे हैं। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं है। इस मौके पर पूर्व विधायक विनय सक्सेना के साथ कमल दीक्षित, रज्जू सराफ, संजय उपाध्याय, सुसीम धर, कपिल श्रीवास्तव, विनय डोलस, अजय रावत, बब्लू नामदेव, लखन चौबे, घनश्याम सोनी, श्रीमती सुशीला कनौजिया, सचिन रजक सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौके पर मौजूद रहे।
कांग्रेसियों का प्रदर्शन, धरने के बाद स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को हटाया
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। धरना दिया जिसके बाद तत्काल प्रभाव से अस्पताल प्रभारी अंशुल शुक्ला को हटा दिया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा एवं पूर्व पार्षद जितिन राज ने बताया कि नगर निगम प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की सजा विश्वकर्मा परिवार के दो हंसते खेलते बच्चों को भुगतनी पड़ी है। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम तहसीलदार एवं जिला चिकित्सा अधिकारी से मांग की गई की तत्काल प्रभाव से अस्पताल प्रभारी अंशुल शुक्ला को निलंबित किया जाए, एवं संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी लें। जिसके बाद प्रभारी को स्वास्थ्य केन्द्र से हटाने के साथ सीएमएचओ कार्यालय भेजा गया है। इसके साथ ही शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनमोहन नगर में प्रदर्शन को उग्र होता देख निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया, अस्पताल की देखरेख व्यवस्था एवं सुरक्षा के लिए बनाई गई। इस दौरान नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा, अनुराग जैन गढ़वाल, ब्रज यादव, मदन लारिया, अन्नू अतुल विश्वकर्मा, समेत अन्य उपस्थित रहे।
जब हादसा होता है तभी जागते हैं
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों का कहना रहा कि जब ऐसी कोई घटना हो जाती है उसके बाद ही प्रशासन क्यों जगाता है पहले से किसी भी रूप से तैयारी क्यों नहीं की जाती। प्रदर्शन के दौरान नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सौरभ नाती शर्मा ने कहा कि हीला हवाली में चार-चार लाख रुपए देकर क्या बच्चों या उन परिवार की खुशियों को वापस लाया जा सकता है।
सीएम ने दिया जांच, कार्रवाई का आदेश
सीएम मोहन यादव ने कहा मैंने कलेक्टर, एसपी और मंत्री राकेश सिंह को पूरे मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कलेक्टर और एसपी के माध्यम से प्रभावित परिवारों को 4-4 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।
ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने देर रात त्रिमूर्ति नगर पहुँचकर पीडि़त परिवारजनों से भेंट की उन्हें ढांढस बंधाया। मंत्री सिंह ने जिला प्रशासन को घटना की आवश्यक जाँच के निर्देश भी दिये हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिये सभी आवश्यक कदम उठाये जायेंगे।
