जोधपुर, 26 अक्टूबर (वार्ता) केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह पंंचायत चुनावों को लेकर जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है, जो न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि विपक्ष की नैतिकता पर भी एक प्रश्न है।
रविवार को जारी एक बयान में श्री शेखावत ने कहा कि पूर्व में राज्यभर में सभी निकायों के चुनाव अलग-अलग तिथियों को होते थे। निकाय चुनावों को लेकर कभी एकरूपता का भाव राज्य में पैदा ही नहीं हुआ था। किन्तु इस बार राज्य सरकार ने दृढ राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाते हुए इन सब निकायों के चुनावों को एक साथ करने का निर्णय लिया, जो काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य था।
श्री शेखावत ने कहा कि कांग्रेसी नेता जनता को मीडिया में अनर्गल तर्क देते हुए जनता को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा एक तिथि में चुनाव करवाने के आशय को स्पष्ट करने की जगह कांग्रेस अपने रटे-रटाए संविधान खतरे में है, के तर्क को ही दोहराती रही। श्री शेखावत ने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पिछले कार्यकाल में जोधपुर, जयपुर और कोटा नगर निगम के चुनाव अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते प्रशासक लगाकर एक वर्ष देर से करवाए थे।
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत इन चुनावों की देरी की वजह कोरोना को बताए, किन्तु निगम के चुनाव नवम्बर 2019 में होने थे, जबकि कोरोना का आगमन मार्च 2020 में हुआ था।
श्री शेखावत ने चुटकी लेते हुए कहा है कि गहलोत और कांग्रेस को इन चुनावों में अपना अस्तित्व खतरे में दिख रहा है। इसलिए वह अनर्गल रुदन करके अपने बचाव की भूमिका बांध रहे हैं।
