
पुनीत दुबे नर्मदापुरम। जिले के वन विभाग के अधिकारी इन दिनों अवैध सागौन कटाई के मामलों को लेकर चर्चा में हैं। छीपीखापा, बेलावाड़ा कूप और नया खामदा गांव में हुई कटाई को लेकर आरोप है कि विभागीय अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों की अनदेखी कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी को दरकिनार कर अपने संरक्षण और नौकरी बचाने में लगे हैं।
छीपीखापा सागौन कटाई मामले में पिछले एक वर्ष में लगभग 3 करोड़ रुपये का नुकसान विभाग को हुआ है। नियम के अनुसार, कटाई से पहले सीसीएफ, डीएफओ और एसडीओ को हर कूप का निरीक्षण करना और सही मार्किंग सुनिश्चित करना आवश्यक था। लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं होने के कारण कूप क्रमांक 02 की जगह क्रमांक 03 की कटाई हुई, जिससे लगभग 500 घनमीटर लकड़ी काटी गई।
सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों द्वारा योजना को दरकिनार कर कटाई कराना और छोटे कर्मचारियों को फंसाना आम बात बन गया है। इस मामले में अब तक किसी बड़े अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।
इनका कहना है कि
हमारे पास जो शिकायत आयी थी जिसमें बेलावाडा एवं लालपानी कूपों की कटाई के संबंध में बताया गया था जिसकी जांच हमने हरदा वन मंडल अधिकारी से करा ली है. जांच रिपोर्ट में सही तथ्य आये हैं आगे की कार्यवाही हम करेंगे.
अशोक कुमार ,सीसीएफ, नर्मदापुरम
