स्वास्थ्य सूचकांक में मप्र में अच्छा स्थान प्राप्त करेगा सतना : शुक्ला

सतना : जिला चिकित्सालय परिसर में 150 बिस्तरों का अतिरिक्त ब्लॉक तैयार हो जाने के बाद यह अस्पताल कुल 605 बिस्तरों की क्षमता से युक्त होगा. जिसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि न सिर्फ चिकित्सा क्षेत्र में सतना का भविष्य उज्जवल है बल्कि स्वास्थ्य सूचकांक में भी मध्य प्रदेश में सतना अच्छा स्थान प्राप्त करेगा. जिला चिकित्सालय का निरीक्षण और जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करने के बाद उप मुख्यमंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल द्वारा यह जानकारी साझा की गई.

अस्पताल का निरीक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि बैठक में इन सभी बातों की जानकारी तलब की गई कि अस्पताल में ओपीडी, डायलिसिस, सोनोग्राफी और सर्जरी सहित अन्य चिकित्सा व्यवस्थाओं की क्या स्थिति है. जिला अस्पताल फिलहाल 400 बेड की क्षमता से कार्य कर रहा है. इसलिए उसके विस्तार के लिए जरुरी है कि 150 बेड का नया ब्लॉक बनकर तैयार हो जाए. इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सालय के लिए 380 करोड़ रु की राशि मंजूर हुई है.

जिसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द वह कार्य शुरु हो जाए इसकी भी समीक्षा की गई. 150 बेड का नया ब्लॉक तैयार होने के बाद जिला चिकित्सालय में बिस्तरों की संख्या बढ़ कर 605 हो जाएगी. जिससे जिले की चिकित्सा व्यवस्था काफी बेहतर स्थिति में पहुंच जाएगी. चिकित्सा व्यवस्था का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सकों द्वारा महीने भर में 3.5 से 4 हजार सर्जरी की जा रही है.

लेकिन वहीं दूसरी ओर इस बात की हिदायत भी दी गई है कि अस्पताल सहित वार्ड में साफ-सफाई और बिस्तर-चादर की सफाई धुलाई में किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए, ताकि अस्पताल चमकता हुआ नजर आए. इसके लिए कितने मानव बल की आवश्यकता है उसकी भी समीक्षा की गई. सफाई, सुरक्षा, कंप्यूटर ऑपरेटर और मल्टी स्किल कामगारों की अतिरिक्त भर्ती के लिए सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं. मेडिकल कॉलेज के जूनियर और सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर्स की बड़ी संख्या में काम करने से एक ओर जहां चिकित्सकों की कमी पूरी हो रही है वहीं दूसरी ओर इससे वरिष्ठ चिकित्सकों को भी सहयोग मिल रहा है.
  सोनोग्राफी के लिए प्रयास जारी
जिला चिकित्सालय में सोनोग्राफी कराने के लिए मरीजों की 3-3 महीने की वेटिंग होने के प्रश्र का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री ने सहजता से स्वीकार किया कि रेडियोलॉजिस्ट की कमी है. लिहाजा उनकी भर्ती के प्रयास जारी हैं. मेडिकल कॉलेज के एक सहायक प्राध्यापक ही यहां पर सोनोग्राफी के लिए उपलब्ध थे. मेडिकल कॉलेज सतना में पोस्ट ग्रेजुएशन की सीट सैंक्शन होने के बाद सीनियर रेजीडेंट और पीजी स्टूडेंट भी सोनोग्राफी का कार्य देख सकेंगे. वहीं इस मामले में एक और रास्ता निकाला गया है, जिसमें जिला चिकित्सालय के मेडिकल ऑफिसर को मेडिकल कॉलेज में 6 महीने का प्रशिक्षण कोर्स कराया जाएगा. जिससे वे सोनोग्राफी करने में सक्षम हो सकेंगे. हलांकि 2 चिकित्सकों को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था, लेकिन वे पीजी करने चले गए. लिहाजा अब 2 अन्य मेडिकल ऑफिसर को प्रशिक्षण दिलाने के लिए कहा गया है.
निजी एंबुलेंस के विरुद्ध कार्रवाई करें
जिला चिक्तिसालय में सक्रिय निजी एंबुलेंस/शव वाहन संचालकों द्वारा मरीजों को बरगला कर निजी नर्सिंग होम ले जाने और दलाली करने से संबंधित प्रश्र का उत्तर देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान यह विषय सामने आया है. लिहाजा जिला कलेक्टर को नोट कराते हुए मामले को देखने के लिए कहा गया है. साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि इस प्रकार का काम करते हुए कोई पकड़ा जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए. इसी कड़ी में फार्मासिस्ट के बिना दवा दुकानों के संचालन के मामले में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ड्रग कंट्रोलर को इस बात की सख्त हिदायत दी गई है कि सारे औषधि निरीक्षकों को लगाया जाए और जहां पर भी इस तरह की खामी पाई जाती है वहां कार्रवाई की जाए. जिससे आमजन को सही दवाएं मिल सकें.

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