इंदौर: शहर के उद्योग और राजनीति जगत को झकझोर देने वाला दर्दनाक हादसा गुरुवार की सुबह सामने आया. महिंद्रा कार शोरूम के संचालक और कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल के घर में लगी आग में दम घुटने से मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर हैं. हादसे के वक्त घर में उनकी दोनों बेटियां भी मौजूद थीं, जिन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया.
हादसा लसूड़िया थाना क्षेत्र स्थित अग्रवाल के पेंटहाउस में तड़के करीब सुबह 4:30 बजे हुआ. प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि घर के मंदिर में जल रहे अखंड दीपक से आग भड़की, जो देखते ही देखते पूरे घर में फैल गई. कुछ ही मिनटों में कमरों में धुआं भर गया, जिससे परिवार को सांस लेने में परेशानी होने लगी. चीख-पुकार सुनकर नीचे मौजूद गार्ड ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी.
जब तक टीम मौके पर पहुंची, आग ने विकराल रूप ले लिया था. रेस्क्यू टीम ने प्रवेश अग्रवाल और उनकी बड़ी बेटी 15 वर्षीय सौम्या को बाहर निकाला, लेकिन तब तक अग्रवाल बेसुध हो चुके थे. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. उनकी पत्नी रेखा को गंभीर अवस्था में बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया है, जहां वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. थाना प्रभारी तारेश कुमार सोनी ने बताया कि घर के ऊपर बने पेंटहाउस में मंदिर और स्टोररूम पास-पास बने हुए है, प्राथमिक रूप से माना जा रहा है कि दीपक या किसी इलेक्ट्रिक शॉर्ट-सर्किट से आग की शुरुआत हुई.
फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए मौके पर बुलाया है. दुःखद पहलू यह है कि हादसे के दौरान अग्रवाल की छोटी बेटी 10 वर्षीय मायरा ने मां को आवाज देकर बाहर बुलाया, जिससे वह और छोटी बेटी सुरक्षित निकल आईं, लेकिन धुएं में घिरे प्रवेश और सौम्या ऊपर ही फंस गए. दमकलकर्मियों ने खिड़कियां तोड़कर दोनों को बाहर निकाला, पर तब तक देर हो चुकी थी. फिलहाल पुलिस ने पूरे घर को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम आग के सटीक कारणों की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मंदिर में जलते दीपक से आग फैलने की संभावना सबसे प्रबल है, लेकिन इलेक्ट्रिकल उपकरणों की भी जांच की जा रही है.
