भोपाल। मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने विद्याप्रमाण गुरुकुलम् में नए वीर निर्वाण संवत् 2052 पर कहा कि पापी से नहीं, पाप से घृणा करो। व्यक्ति में बुराइयां नहीं, अच्छाइयां देखने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर इंसान में कुछ न कुछ दुर्वलताएं होती हैं, लेकिन सकारात्मक दृष्टि रखेंगे तो अच्छाई भी दिखेगी। मुनि श्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कभी-कभी खोटा सिक्का भी काम आता है। गुरुकुलम् में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गुणायतन गौरव कार्यक्रम संपन्न होंगे। 7 नवंबर को आचार्य विद्यासागरजी महाराज के पदारोहण दिवस पर भवन का शिलान्यास होगा और 8-9 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन व पिच्छिका परिवर्तन कार्यक्रम होंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
