
इंदौर. दिवाली की खुशियों के बीच शहर का माहौल सोमवार देर रात से मंगलवार दोपहर तक खौफनाक बना रहा. महज 13 घंटे के अंदर शहर में तीन अलग-अलग इलाकों में खून बहा दो जगह चाकू चले और तीसरे में गोली चली. तीनों वारदातों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हैं. मामले में पुलिस जांच कर रही है.
दिवाली की रात से शहर में अपराध का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा. आजाद नगर, एमआईजी और द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में हुए तीन हत्याकांडों ने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है. सभी घटनाएं करीब 13 घंटे के भीतर हुईं और हर जगह अलग-अलग कारण सामने आए शराब पार्टी में विवाद, पुराने झगड़े की रंजिश और परिवारों के बीच गोलीकांड. पुलिस के अनुसार पहली हत्या सोमवार देर रात करीब 1 बजे आजाद नगर के पालदा इलाके में हुई. यहां निजी बस डिपो के पास कुछ युवक शराब पार्टी कर रहे थे. इसी दौरान झगड़ा इतना बढ़ा कि 10 से 12 बदमाशों ने अपने ही साथी 30 वर्षीय राजा सोनकर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए. परिजन उसे एमवाय अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. पुलिस जांच में सामने आया कि राजा सोनकर संयोगितागंज थाने का लिस्टेड बदमाश था. राजा दो दिन पहले ही चुपके से इंदौर लौटा था और दिवाली अपने साथियों के साथ मना रहा था. आजाद नगर पुलिस ने हत्या के आरोप में गोलू सिलावट, विक्की सिलावट, सरफराज, जब्बार, आवेश उर्फ काखड़, आउ उर्फ अरमान, शाकिर, राशिद उर्फ मुन्ना, नासिर उर्फ अंडा, इदरीस और फिरोज सहित 11 बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच कर रही है. इसी तरह दूसरी हत्या मंगलवार दोपहर करीब 1.30 बजे एमआईजी थाना क्षेत्र की स्वर्ण बाग कॉलोनी में हुई. यहां 20 वर्षीय क्षितिज खोमने पर तीन बदमाशों ने हमला किया. क्षितिज को कालू और उसके दो साथियों ने घेरकर चाकू मारा. वह गंभीर रूप से घायल हुआ और डीएनएस अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि रात में क्षितिज का आरोपियों से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था. अगले दिन दोपहर में बदमाशों ने घात लगाकर उसे फिर से रोका और चाकू से हमला कर दिया. पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है. इसी तरह तीसरा हत्याकांड मंगलवार दोपहर करीब 2.30 बजे द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के दिग्विजय नगर मल्टी में हुआ. यहां दो परिवारों के बीच पुराना विवाद फिर भड़क उठा और बात हाथापाई से बढ़कर फायरिंग तक पहुंच गई. घटना में महेश उर्फ बच्चू की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि मंसूर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए. डीसीपी आनंद कलादगी ने बताया कि दोनों परिवार करीब आठ साल से एक-दूसरे को जानते हैं और मजदूरी का काम करते हैं. एक साल पहले झगड़ा हुआ था, जिसे थाने में सुलझा लिया था, मगर दिवाली मिलन के दौरान विवाद फिर भड़क गया. झगड़े के दौरान पहले महेश ने रमेश और उसकी पत्नी जलुबाई पर चाकू से हमला किया. इसके बाद रमेश के रिश्तेदार पहुंचे और उन्होंने महेश पर गोली चला दी. महेश को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि मृतक महेश गांजा तस्करी में लिप्त कालू नामक आरोपी का साला था. इस मामले में मिथुन नामक युवक का नाम सामने आया है, जिसकी तलाश की जा रही है.
