
नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर 2025: दीपावली का पर्व सिर्फ रोशनी और खुशियों का ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से एक नई शुरुआत का भी प्रतीक होता है। धनतेरस से शुरू हुए इस त्योहार के शुभ अवसर पर निवेशक अपने धन को सुरक्षित और लाभकारी योजनाओं में लगाना चाहते हैं। सोना-चाँदी जैसे पारंपरिक विकल्पों के अलावा, बाजार में अब कई ऐसे जोखिम मुक्त सरकारी और गैर-सरकारी साधन उपलब्ध हैं, जो गारंटीड रिटर्न देते हैं। इनमें बैंक और डाकघर की एफडी, पीपीएफ, और राष्ट्रीय बचत पत्र शामिल हैं।
जोखिम मुक्त निवेश चाहने वालों के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) सबसे लोकप्रिय है, जहां सामान्य ग्राहकों को 7.5% से 8% तक ब्याज मिल रहा है। डाकघर सावधि जमा भी सरकारी भरोसे के साथ 5 साल पर 7.5% सालाना ब्याज देता है। दीर्घकालिक बचत के लिए सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) एक टैक्स फ्री विकल्प है, जिसमें 7.1% ब्याज मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योजना 8.2% का सर्वोच्च ब्याज देती है।
जो निवेशक थोड़ा अधिक रिटर्न चाहते हैं, वे कॉर्पोरेट एफडी पर विचार कर सकते हैं, जिसमें 8% से 9.5% तक ब्याज मिलता है, लेकिन कंपनी की क्रेडिट रेटिंग देखना जरूरी है। सरकारी गारंटी वाली राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) पर 7.7% सालाना चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है और यह धारा 80C के तहत टैक्स फ्री भी है। इसके अलावा, किसान विकास पत्र (केवीपी) में राशि लगभग 115 महीनों में दुगुनी हो जाती है, जिसकी ब्याज दर 7.5% सालाना है।
