सीहोर. दीपावली पर दूसरों के घर में रोशनी करने वाले दीपक बनाने वाले कई कारीगर दुखी हैं.उनका कहना है कि इस साल रुक रुक कर काफी दिनों तक बारिश हुई जिसके कारण उन्हें मिट्टी व अन्य कच्चा मटेरियल लेने में काफी परेशानी हुई है. बाजार में मंदी का दौर है, जिसके कारण दीपक की डिमांड भी काफी कम है. यही कारण है कि यदि एक दीपक 2 रुपए में नहीं बिका तो उन्हें इस साल घाटा हो जाएगा.गंज क्षेत्र में दीपक बनाने वालों की की संख्या अधिक है. इस साल भी मिट्टी के दीपक बनाने का कार्य काफी जोर-शोर से जारी है, लेकिन यह कारीगर काफी निराशा हैं क्योंकि मौसम की मार ने उनके इस व्यापार पर ग्रहण सा लगा दिया है. कारीगर लालजीराम प्रजापति का कहना है इस साल उन्हें कच्चा मटेरियल मिलने में काफी परेशानी हुई है, यदि दीपक 2 रुपए में नहीं बिका तो उन्हें घाटा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार भी उनकी तरफ ध्यान नहीं देती है, सरकारी मदद और प्रोत्साहन उन्हें मिले तो काफी हद तक उन्हें राहत मिल सकती है. कारीगरों का यह भी कहना है कि व्यापारी और किसान बंधु पहले से ही दीपक, प्रतिमाओं और चक्की जो मिट्टी से बनती है उनके ऑर्डर पहले ही दे देते थे, लेकिन इस बार ऐसे ऑर्डरों की संख्या और डिमांड काफी कम है.
बाजार में मिट्टी के दीपक की मांग घटी
