इंदौर: क्राइम ब्रांच इंदौर की ईओडब्ल्यू टीम ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को बैंक की रिकवरी एजेंसी का सुपरवाइज़र बताकर कई लोगों से लाखों रुपए की ठगी की थी. आरोपी निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर लोगों से पैसे वसूलता था और बाद में रकम हड़प लेता था.गिरफ्तार आरोपी 34 वर्षीय सुमेश शर्मा, निवासी स्कीम नंबर 78, इंदौर है. आरोपी ने खुद को आरबीएल बैंक और इंडू आईएनडी की रिकवरी एजेंसी का सुपरवाइज़र बताकर क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट रोटेशन और फंडिंग स्कीम के नाम पर निवेश कराने का झांसा दिया.
शुरुआत में कुछ लोगों को मामूली लाभ देकर उनका विश्वास जीता, फिर लाखों रुपये लेकर फरार हो गया. आरोपी ने नकद, यूपीआई और क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन के जरिए लगभग 32 लाख से अधिक की राशि अलग-अलग लोगों से वसूल की. रकम को उसने विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे किनसेन, धनहिंद, राजहवीर और जेवीएम पे आदि में ट्रांसफर किया. पीड़ितों में महेश यादव, दीपक यादव, प्रतीक जटाले, रानू सोलंकी और योगेन्द्र सिंह पूनिया शामिल हैं.
क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया. प्रारंभिक पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह कुछ साथियों के साथ मिलकर यह ठगी करता था. आरोपी से मोबाइल, बैंक पासबुक, चेकबुक और फर्जी एजेंसी के दस्तावेज जब्त किए गए हैं. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी से और भी ठगी के मामलों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है. क्राइम ब्रांच इंदौर की ईओडब्ल्यू इन्वेस्टिगेशन टीम ने इस कार्रवाई में विशेष भूमिका निभाई है.
