गेहूं, चना सहित बीज के रेट नहीं आने से असंमजस
ब्यावरा:रबि सीजन की बोवनी शुरु हो चुकी है. सरसों की बोवनी जारी है जबकि गेहूं की बोवनी भी प्रारंभ हो चुकी है. परन्तु आज दिनांक तक गेहूं, चना सहित रबि सीजन वाली फसलों केशासकीय बीज एवं उनके रेट नहीं आने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है.गौरतलब है कि रबि सीजन की बोवनी प्रारंभ हो चुकी है. सरसों की बोवनी जोरशोर से जारी है. वहीं कुछ स्थानों पर गेहूं की बोवनी भी प्रारंभ कर दी गई है. ग्राम बेड़ाबे व अन्य जगह पर गेहूं की बोवनी शुरु हो चुकी है. आगामी दिन में बोवनी का कार्य व्यापक स्तर पर शुरु होगा. लेकिन शासकीय रेट पर मिलने वाला बीज एवं उसके रेट उपलब्ध नहीं होने से किसानों को शासकीय बीज का वितरण नहीं हो पा रहा है. इस तरह शासन की सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है.
प्रायवेट तौर पर ला रहे बीज
शासकीय स्तर पर बीज एवं उनके रेट नहीं आने से किसानों को बीज का वितरण नहीं हो पा रहा है. जबकि किसान कृषि विभाग के चक्कर लगा रहे है. किंतु बीज उपलब्ध नहीं होने पर मजबूरन प्रायवेट तौर पर बीज खरीदकर बोवनी कार्य किया जा रहा है.
निगम में बीज की स्थिति
स्थानीय बीज निगम में गेहूं एवं चना का बीज स्टॉक में तो है किंतु रेट नहीं आने से बीज वितरण को लेकर संशय बना हुआ है. बीज निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीज निगम में लगभग 1400 क्विंटल गेहूं का बीज एवं करीब 600 क्विंटल चना बीज उपलब्ध है.
खाद भी नहीं मिल पा रहा
रबि सीजन में बोवनी का कार्य शुरु हो चला है किंतु जहां बीज के एवं रेट नहीं आये है वहीं यूरिया खाद की किल्लत का सामना भी किसानों को करना पड़ रहा है. डिमांड के अनुसार यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है. अधिकांश सोसायटियों में यूरिया खाद नहीं है. खाद के लिए किसान सोसायटियों के चक्कर लगा रहे है.जिला कृषि विभाग का कहना है कि जिले में इस बार 30 हजार मेट्रिक टन यूरिया खाद की डिमांड भेजी है. इसके एवज में अभी तक 14 हजार मेट्रिक टन यूरिया खाद रेक के माध्यम से आ चुका है. विभाग का कहना है कि जल्द ही 6 हजार मेट्रिक टन खाद की रेक और लगने वाली है.
वहीं दीपावली के बाद 10 हजार मेट्रिक यूरिया खाद जिले को मिलेगा. लेकिन अभी बोवनी के समय यूरिया खाद की आवश्यकता है, परन्तु अधिकतर सोसायटियों में यूरिया खाद नहीं है.सुठालिया क्षेत्र के तहत 12 सोसायटियों में वर्तमान में यूरिया खाद नहीं है. जबकि इन सभी सोसायाटियों में 1200 मेट्रिक टन से अधिक यूरिया खाद की डिमांड है. सभी सोसायटियों में परमिट कटे हुए है और खाद आने का बेसब्री से इंतजार है. किसानों को खाद आने का बेसब्री से इंतजार है.शासकीय स्तर पर कृषि विभाग को आने वाला बीज एवं उसके रेट भोपाल से ही नहीं आये है. जैसे ही रेट और बीज आएंगे बीज का वितरण किया प्रारंभ कर दिया जाएगा.
सचिन जैन
उप संचालक कृषि विभाग राजगढ़
