
खंडवा। बुधवार को बड़ी संख्या में किसानों ने खूब हंगामा किया। स्थानीय अनाज मंडी के समीप इंदौर खंडवा हाइवे को किसानों ने चक्काजाम कर बन्द कर दिया। भरपूर पैदावार हुई मक्का के व्यापारियों ने अचानक आधे दाम कर दिए थे। इससे किसान भडक़ गए। बाद में उन्हें सही दाम मिले। तब किसानों का आक्रोश ठंडा पड़ा।
बीच सडक़ पर ट्रैक्टर खड़े कर वे धरना देने बैठ गए । उनका आरोप था कि, मंडी में उन्हें अपनी उपज सोयाबीन और मक्का का सही दाम नहीं मिल रहा है। मंडी में दो तौल कांटे होने के बावजूद केवल 1 कांटे पर ही तुलाई हो रही है । उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है ।
यही नहीं, तौल के बाद उन्हें उपज को व्यापारियों के गोदाम तक भी छोडऩे जाना पड़ रहा है । चक्काजाम के बाद मक्का 1970 तक की बिकी। किसान बोले, प्रदर्शन का फायदा मिला। उनकी उपज में ज्यादा नमी बताकर 900 से 1200 रुपए के भाव व्यापारी मक्का खरीदना चाह रहे थे।
3 घंटे में दोनों तरफ लंबी कतारें
किसानों के इस जाम से हाइवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं । इस दौरान किसानों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की । हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन का बल मौके पर पहुंचा और किसानों को समझाइश देने की कोशिश की गई ।
3 घण्टे तक चला विरोध प्रदर्शन
कुछ पुलिस अधिकारियों की किसानों से हंगामेदार बहस भी हुई, जिससे किसान और भी आक्रोशित दिखे । करीब 3 घण्टे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद किसानों की मांगे मान ली गईं और जाम खुलवाया जा सका ।
वहीं इंदौर-खंडवा हाइवे पर लगे इस जाम के चलते अन्य वाहनों के साथ ही यात्री बसें और स्कूली वाहन भी जाम में फंस गए । जिसके बाद बस में सवार यात्रियों को किशोर कुमार की समाधि स्थल के पास उतार दिया गया तो वहीं स्कूली बच्चों के लेने उनके माता पिता अपने वाहनों से इंदौर नाके तक पहुंचे। इधर हंगामा कर रहे किसानों का कहना था कि, मंडी में मक्का की बोली 1000 से 1200 रु प्रति क्विंटल लगाई जा रही है जबकि इसका दाम 2000 रु से अधिक किया जाना चाहिए । और ये सिर्फ खंडवा की कृषि उपज मंडी में ही हो रहा है, जबकि दूसरी जगह किसानों को फसल के अच्छे दाम मिल रहे हैं ।
दोपहर बाद की नीलामी में मक्का के भाव में अचानक से उछाल देखा गया किसानों की उपज सुबह एक हजार से 1200तक बिक रही थी वहीं बाद में दो हजार तक बिक्री तब किसानों ने कहा कि सुबह मक्का में क्या खराबी थी जो आंदोलन के बाद अच्छी हो गई इससे व्यापारियों की मिली भगत सामने आई है जो बिना आंदोलन के दूर नहीं होती है।
आक्रोशित किसानों से मिलने इंदौर
से खंडवा पहुंचे मंडी सचिव ओ पी खेड़े
बुधवार को कृषकों ने मक्के के भाव को लेकर पहले नीलाम बंद कराई। आक्रोशित किसानों ने खंडवा इंदौर स्टेट हाइवे पर चक्का जाम किया।
घंटों चक्का जाम रहा। प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन किसान नहीं माने। कलेक्टर के निर्देश पर मंडी सचिव ओपी खेड़े संभागीय बैठक छोड़ इंदौर से खंडवा आए। लगभग 3:55 बजे दोपहर को मंडी सचिव ओपी खेड़े ने स्वयं उपस्थित होकर नीलाम प्रारंभ कराया । किसान बंधु एवं कृषक संगठनों ने मंडी सचिव ओपी खेड़े का आभार माना।
