इंदौर: प्रदेश सरकार की भावांतर योजना की व्यवस्थाओं को लेकर आज प्रशासनिक अधिकारियों ने मंडी का दौरा किया. इस दौरान अधिकारियों ने नीलामी से लेकर तोल कांटे तक की जानकारी ली. साथ ही कहा कि पंजीकृत किसानों को ही योजना का लाभ मिलेगा.आज अपर कलेक्टर एवं भावांतर योजना नोडल अधिकारी पवार नवजीवन विजय ने छावनी अनाज मंडी का निरीक्षण किया. पवार नवजीवन ने मण्डी परिसर में प्रवेश व्यवस्था, नीलामी, सेम्पलिंग, इलेक्ट्रानिक तौल कांटे से तौलने की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर किसानों, व्यापारियों, हम्माल एवं तुलावटियों से चर्चा कर समस्याओं की जानकारी ली.
साथ ही मौजूद लोगों के सुझाव पर व्यवस्था करने के आवश्यक निर्देश दिए. इस दौरान मंडी सचिव रामवीर किरार और मंडी के अधिकारी मौजूद थे. किरार ने बताया कि सोयाबीन के भावांतर योजना में खरीदी 24 अक्टूबर से 15 जनवरी तक की जाएगी. योजना का पंजीयन 17 अक्टूबर तक किसानों को करना आवश्यक है. अपंजीकृत कृषकों को योजना का लाभ नही मिलेगा. किसानों को पंजीकृत खाते में ही भुगतान का लाभ लेने की पात्रता होगी.
योजना में किसानों को नकद भुगतान लेने पर योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा. साथ ही किसान बगैर नम्बर के वाहनों में उपज मंडी प्रांगण में विक्रय हेतु लाते है तो ऐसे किसान को भी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा. एफएक्यू मलिटी की सोयाबीन होने पर ही भावांतर योजना का लाभ मिलेगा. किसानों से अपील की गई है कि पंजीकृत किसान नम्बर युक्त वाहन में एफएक्यू मलिटी का सोयाबीन बेचने के साथ पंजीकृत खाते में भुगतान प्राप्त करें. अपनी कृषि उपज को साफ सुथरा और सुखा कर लाएं.
