
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के समक्ष बीना से विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल के विरुद्ध विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की याचिका पर अब सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। इससे पहले हाईकोर्ट तय करेगा कि मामले की सुनवाई सिंगल बेंच में या डिवीजन बेंच में नियत किया जाये।
उल्लेखनीय है कि उमंग सिंघार ने कांग्रेस की बीना से विधायक निर्मला सप्रे का निर्वाचन शून्य करने की मांग की है। याचिका में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिका के अनुसार पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष तोमर को शिकायत की गई थी। लेकिन निर्धारित 90 दिन के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई। इसलिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका में कांग्रेस विधायक सप्रे पर पार्टी विरोधी गतिविधि का आरोप लगाया गया है। लोकसभा चुनाव के दौरान विरोधी दल भाजपा का प्रचार करते नजर आने का तथ्य रेखांकित किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि कांग्रेस विधायक सप्रे भाजपा में शामिल हो चुकी हैं। इसके बावजूद उन्होंने विधायक पद से त्यागपत्र नहीं दिया है। दलबदल कानून के प्रकाश में उनका यह रवैया गैर कानूनी है। इसलिए सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए।
