
रीवा: रवी की बोनी को लेकर किसानो ने तैयारी शुरू कर दी है. जिले में चना सहित दलहन, तिलहन की बोनी शुरू हो चुकी है और खाद की मांग भी धीरे-धीरे बढऩे लगी है. लेकिन समितियो में खाद की उपलब्धता बहुत कम है. भले ही प्रशासन पर्याप्त खाद होने का दावा कर रहा है. धान कटाई के साथ गेंहू की बुवाई शुरू हागी और अगले माह से खाद की मांग में तेजी आएगी. समय रहते खाद की उपलब्धता पर्याप्त नही की गई तो वही हालात होगे जो एक माह पहले हुए थे, किसानो पर लाठी बरसाई गई थी.
खाद के लिये किसान इस समय समितियों एवं विपणन केन्द्रो में पहुंच रहे है. हालाकि अभी उतनी दिक्कत नही है और खाद की ज्यादा मांग भी नही है. रीवा जिले में 8883.97 मीट्रिक टन खाद की उपलब्धता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्फेड में 1687.68, समितियों में 1854.26 तथा निजी खाद विक्रेताओं के यहाँ 5342.03 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है. जिले में 2174.77 मीट्रिक टन यूरिया, 1397 मीट्रिक टन डीएपी, 2067 मीट्रिक टन एनपीके, 33.70 मीट्रिक टन एमओपी, 3174.20 मीट्रिक टन एसएसपी तथा 64.30 मीट्रिक टन एफओएम खाद उपलब्ध है.
मऊगंज जिले में खाद की उपलब्धता
मऊगंज जिले में 3457.43 मीट्रिक टन खाद की उपलब्धता है. मार्फेड में 835.30, समितियों में 779.13 तथा निजी खाद विक्रेताओं के यहाँ 1843 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है. जिले में 972.66 मीट्रिक टन यूरिया, 454.15 मीट्रिक टन डीएपी, 697.10 मीट्रिक टन एनपीके, 22.15 मीट्रिक टन एमओपी, 1311.34 मीट्रिक टन एसएसपी तथा 0.03 मीट्रिक टन एफओएम खाद उपलब्ध है.
