ग्वालियर: ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया, सचिव महेश मुदगल, संयोजक उमेश उप्पल, संयुक्त अध्यक्ष एवं प्रवक्ता अनिल पुनियानी, सह संयुक्त अध्यक्ष जगदीश उपाध्याय, कार्यकारी अध्यक्ष अनुज गुर्जर हरिकांत समाधिया ने संयुक्त वक्तव्य में मेला प्राधिकरण की रीति नीति और कामकाज के रंग ढंग पर तीखी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि मेला में पहले ऑटोमोबाइल सेक्टर की 173 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर प्राधिकरण मेला व्यापारियों में फूट डालने, उन्हें गुटों वर्गों में बांटने और इस फूट का इस्तेमाल मनमाने निर्णयों को लागू करने एवं विरोध के सुरों को दबाने के लिए करने की साजिशें रच रहा है।
मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि माधवराव सिंधिया के समय से यह परंपरा रही है कि ग्वालियर मेला में सभी सेक्टरों में एक साथ आवंटन प्रक्रिया प्रारंभ की जाती है, पहले या बाद का चक्कर कभी नहीं रहा क्योंकि मेला प्राधिकरण की दृष्टि में अभी तक सभी सेक्टरों के व्यापारी समान रहे हैं, उन्हें महत्वपूर्ण या कम महत्वपूर्ण की श्रेणी में विभक्त नहीं किया गया।
लेकिन अब मनमानी पर उतारू मेला प्राधिकरण ने ऑटोमोबाइल सेक्टर की 173 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर नई गलत परिपाटी डाल दी है जो अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि मेला के सभी सेक्टरों में दुकान आवंटन तत्काल शुरू करने, पिछले साल दुकानें लगाने वाले सभी पुराने दुकानदारों को प्राथमिकता के आधार पर दुकानें देने, ईटेंडरिंग या ऑक्शन न करने, दुकानों के किराए में की गई जबरदस्त वृद्धि को वापस लेने एवं ऑनलाईन प्रक्रिया की विसंगतियों को दूर करने जैसी मांगों एवं समस्याओं को लेकर मेला व्यापारी संघ विगत तीन माह से आवाज उठा रहा है।
अपमान सहने के बजाए गांधीवादी ढंग से मेला प्राधिकरण दफ्तर पर ही प्राण त्याग देना ज्यादा उचित मेला व्यापारियों ने तय किया है कि मेला प्राधिकरण के अधिकारियों से अपमान सहन करने के बजाए गांधीवादी ढंग से शांतिपूर्ण अनशन कर प्राधिकरण दफ्तर पर ही प्राण त्याग देना या फिर सामूहिक आत्मदाह कर लेना ज्यादा ठीक होगा। यह क्रमवार आंदोलन 25 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। प्रथम दिन मेला प्राधिकरण भवन के बाहर धरना दिया जाएगा। दूसरे दिन से स्थायी रूप से सामूहिक अनशन प्रारंभ किया जाएगा। इसके बाद व्यापारी मेला प्राधिकरण के कर्ताधर्ताओं से कटोरा लेकर जहर की भीख मांगेंगे। चौथे दिन मेला प्राधिकरण के गेट पर सामूहिक आत्मदाह किया जाएगा।
