मोदी ने ‘विकसित भारत’ के लिए खेलाें को प्रमुख स्तंभ करार दिया

नयी दिल्ली, 25 दिसंबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को सांसद खेल महोत्सव के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण और चरित्र विकास में खेलों की परिवर्तनकारी भूमिका पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उभरते खिलाड़ियों को जमीनी स्तर पर मंच प्रदान करने के लिए इस पहल की सराहना की और भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की केन्द्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री माेदी ने खिलाड़ियों, कोचों और आयोजकों को संबोधित करते हुए कहा कि “सांसद खेल महोत्सव” केवल प्रतियोगिताओं की श्रृंखला नहीं, बल्कि देश के हर कोने से प्रतिभाओं को खोजने की गतिविधि है। प्रधानमंत्री ने कहा, “पहले खेलों को अक्सर केवल एक सह-पाठ्यक्रम गतिविधि के रूप में देखा जाता था। आज हमारे युवा यह साबित कर रहे हैं कि खेल एक करियर विकल्प और राष्ट्रीय गौरव का विषय है। इस तरह की पहल यह सुनिश्चित करती हैं कि इस दौड़ में ग्रामीण भारत की प्रतिभा अनदेखी न रह जाए।”

प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र में आए बड़े बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक, पैरालंपिक और एशियाई खेलों जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय खिलाड़ियों की सफलता ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ (टॉप्स) और ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहलों का परिणाम है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को चुनौतियों को अवसर के रूप में देखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा, “”खेल में कोई हारने वाला नहीं होता, केवल विजेता और सीखने वाले होते हैं। मैदान पर सीखा गया अनुशासन और धैर्य आपके जीवन में हर पेशे में काम आएगा।” श्री मोदी ने छोटे शहरों और गांवों में आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए सरकार के प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने

खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं, पोषण और कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए खेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि हमारे खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष न करना पड़े। हमारा लक्ष्य आधुनिक स्टेडियमों से लेकर विशेष प्रशिक्षण केंद्रों तक, हमारे चैंपियनों के लिए विश्वस्तरीय वातावरण उपलब्ध कराना है।” सांसद खेल महोत्सव देशभर के विभिन्न संसदीय क्षेत्रों में सांसदों द्वारा आयोजित एक पहल है, जिसका उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को खोजना और उन्हें बढ़ावा देना तथा फिटनेस के लिए प्रोत्साहित करना है। इस आयोजन में एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, बास्केटबॉल और फुटबॉल सहित विभिन्न खेल शामिल हैं। यह महोत्सव भारतीय खेलों को आधुनिक प्रतिस्पर्धा से जाेड़ते हुये वर्ष 2047 तक “फिट इंडिया” और “विकसित भारत” के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने का प्रयास करता है।

Next Post

क्रिसमस के अवसर पर बंद रहा शेयर बाजार

Thu Dec 25 , 2025
मुंबई, 25 दिसंबर (वार्ता) क्रिसमस के अवसर पर गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों और मुद्रा बाजार में अवकाश रहा। कारोबारियों ने बताया कि क्रिसमस की छुट्टी होने के कारण आज शेयर बाजारों में कोई काम नहीं हुआ। मुद्रा बाजार में भी कामकाज बंद रहा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को बाजार […]

You May Like

मनोरंजन