भोपाल: मध्यप्रदेश के विभिन्न विभागों के अस्थायी, आउटसोर्स, अंशकालीन और ग्राम पंचायत कर्मचारियों के संयुक्त मंच “ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स, अस्थायी, अंशकालीन एवं ग्राम पंचायत कर्मचारी संयुक्त मोर्चा, मध्यप्रदेश” के बैनर तले रविवार को भोपाल के अंबेडकर पार्क, तुलसी नगर में आयोजित “महा क्रांति आंदोलन” में प्रदेशभर से हजारों कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने ठेका और आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाज़ी की।
आंदोलन के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक “अन्यायपूर्ण रोजगार व्यवस्था समाप्त नहीं हो जाती।” उन्होंने घोषणा की कि 19 जनवरी 2025 को लाखों अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारी जबलपुर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे, जिसमें “समान कार्य के लिए समान वेतन” और ठेका प्रथा की समाप्ति की मांग उठाई जाएगी।
शर्मा ने कहा, “यह आंदोलन प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की सामूहिक आवाज़ है। सरकार को समझना होगा कि श्रमिकों के सम्मान के बिना सुशासन संभव नहीं।” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला देते हुए कहा कि नियमित कार्य अस्थायी कर्मचारियों से कम वेतन पर लेना श्रम शोषण है। राज्य सरकार को अब ऐसी ठोस नीति बनानी चाहिए जिससे इन कर्मचारियों को समान वेतन और नियमितीकरण का अधिकार मिल सके।
बाद में शर्मा के नेतृत्व में सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर अधिकारियों को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें ठेका प्रथा समाप्त करने, “समान कार्य समान वेतन” नीति लागू करने, अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण करने और तृतीय–चतुर्थ श्रेणी की भर्ती शीघ्र शुरू करने की मांग की गई।
