बैतूल: मध्यप्रदेश के बैतूल और छिंदवाड़ा में विषाक्त कफ सिरप पीने से बच्चों की हुई मौत के मामले में चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने दोष डॉक्टर पर मढ़ा है। उन्होंने जिला अस्पताल बैतूल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली।
निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि सिरप देने वाले चिकित्सक के खिलाफ की गई कार्रवाई विधिसम्मत है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब चिकित्सा पुस्तकों में यह उल्लेख है कि यह दवा चार वर्ष से कम आयु के बच्चों को नहीं दी जा सकती, तो फिर छह माह के शिशुओं को यह सिरप क्यों दी गई। मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर डॉक्टर ने वही ब्रांड क्यों चुना, जो उसकी पत्नी की दुकान पर ही उपलब्ध था
