जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने पिता के पक्ष में पुत्र की याचिका निरस्त कर दी। कोर्ट ने माता.पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण.पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 में पिता के पक्ष में आदेश पारित किया। इसके अंतर्गत भोपाल निवासी अमित तिवारी की याचिका निरस्त करते हुए पिता के घर में अनाधिकृत कब्जा खाली करने के निर्देश दिए।
प्रतिवादी पिता अवधेश तिवारी भोपाल की ओर से अधिवक्ता अक्षांश श्रीवास्तव ने पैरवी की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायदृष्टांत और अधिनियम बनाने की मंशा बताते हुए तर्क रखे।
न्यायालय को बताया कि अधिनियम 2007 माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा एवं देख रेख हेतु बनाया गया है। जिसमें माता-पिता स्वयं की सम्पत्ति पर अधिकृत काबिज बेटे को हटाने के अधिकारी है, एसडीएम व कलेक्टर कोर्ट ने भी याचिकाकर्ता की पिता से बदसलूंकी को देखते हुए याचिकाकर्ता को अपने पिता का घर खाली करने के आदेश दिए थे। न्यायालय ने गुण दोष को ध्यान में रखते हुए याचिका निरस्त कर दी। इसके साथ ही प्रतिवादी पिता के पक्ष में आदेश पारित कर बेटे द्वारा किए जा रहे अत्याचार से राहत दिलाई।
