
नीमच। नीमच जिले की जावद उपजेल ने प्रदेश में सुधार की एक नई मिसाल पेश की है। यहां शुरू हुआ है मध्यप्रदेश का पहला ऐसा रेडियो स्टेशन नवधारा जेल वाणी जिसे खुद कैदी रेडियो जॉकी (क्रछ्व) बनकर चला रहे हैं।
यह अनूठा प्रयोग न केवल मनोरंजन बल्कि मानसिक शांति, आत्मचिंतन और भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम भी बन रहा है। हर दिन की शुरुआत भजनों, गीता श्लोकों और प्रेरणादायक गीतों से होती है, जबकि दोपहर को बंदियों की फरमाइश पर पारिवारिक गीत प्रसारित किए जाते हैं।
फरमाइशी गानों की लिस्ट कैदी लिखित रूप में देते हैं। फिर उन्हें कंप्यूटर के ज़रिए यूट्यूब से चुना जाता है और जेल परिसर में लगे स्पीकरों से प्रसारित किया जाता है। इस नवाचार के पीछे हैं जेलर डॉ. अंशुल गर्ग, जिनकी पहल से यह रेडियो स्टेशन, कंप्यूटर क्लासेस, जैविक खाद निर्माण, नर्सरी और मनोवैज्ञानिक सत्रों जैसी योजनाएं बंदियों को आत्मनिर्भर बना रही हैं।
