
गुना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ तथाकथित संत आनंद स्वरूपानंद द्वारा की गई अशोभनीय और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली टिप्पणी को लेकर ओबीसी महासभा ने कड़ा विरोध जताया है। बुधवार को महासभा के पदाधिकारी जिला कलेक्टोरेट पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि आनंद स्वरूपानंद की टिप्पणी से समाज में असुरक्षा और विभाजन की भावना बढ़ी है। महासभा ने मांग की कि उनके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, देश में जातिगत जनगणना कर प्रत्येक वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुरूप आरक्षण और संवैधानिक अधिकार दिए जाने की भी मांग की गई।
ओबीसी महासभा ने ज्ञापन में पिछड़ा वर्ग अत्याचार निरोधक अधिनियम बनाने, प्रदेश में आरक्षण की सीमा 13% से बढ़ाकर संविधान सम्मत 27% करने और रुकी हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं को शीघ्र शुरू करने की मांग की।
महासभा के प्रतिनिधियों ने कहा कि संविधान लागू हुए 75 वर्ष बीतने के बाद भी पिछड़ा वर्ग को समान अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द कार्रवाई कर सामाजिक न्याय और समानता की भावना को सशक्त करने की अपील की।
