भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में हुई केन्द्रीय मंत्रि-मंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में मध्यप्रदेश सहित चार राज्यों की चार प्रमुख रेलवे मल्टी-ट्रेकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें मध्यप्रदेश से जुड़ी दो अहम परियोजनाएं — 237 किलोमीटर लंबी इटारसी-भोपाल-बीना चौथी लाइन और गुजरात-मध्यप्रदेश के बीच 259 किलोमीटर लंबी बढ़ोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री के “विकसित भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” के विजन को साकार करने वाला है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
डॉ. यादव ने कहा कि मल्टी-ट्रेकिंग से रेलवे परिचालन सुगम होगा, यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी और माल परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रदेश में सांची, भीमबेटका, सतपुड़ा बाघ अभयारण्य और हज़ारा जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, जिससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
मध्यप्रदेश से गुजरने वाले इन परियोजना खंडों से राज्य के दो आकांक्षी जिलों विदिशा और राजनांदगांव सहित करीब 3,600 गांवों को लाभ मिलेगा। यह परियोजनाएं न केवल 78 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता जोड़ेंगी, बल्कि 28 करोड़ लीटर तेल की बचत और 139 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरणीय दृष्टि से भी देश को लाभान्वित करेंगी।
करीब 24,634 करोड़ रुपये की लागत वाली ये परियोजनाएं वर्ष 2030-31 तक पूर्ण होंगी और मध्यप्रदेश को औद्योगिक व लॉजिस्टिक हब के रूप में नई पहचान दिलाएंगी।
