राजगढ़ को मुआवजा सूची से बाहर किए जाने का हो रहा विरोध

राजगढ़: प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में 17 जिलों में फसलों को हुए नुकसान की मुआवजा राशि डाली है. जिसमें राजगढ़ जिला शामिल नहीं है. जबकि जिले में पीला मोजेक, अतिवृष्टि से सोयाबीन व अन्य खरीफ फसलों को काफी क्षति पहुंची है. आखिरकार किन कारणों के चलते राजगढ़ जिले को छोड़ा गया है इससे अवगत कराया जाये.
इस आशय को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रेस वार्ता कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया.

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पूर्व मंत्री प्रियवृत सिंह ने कहा कि जिले में फसलों को हुए नुकसान को लेकर कांग्रेस पार्टी ने समय-समय पर शासन, प्रशासन को अवगत कराया. साथ ही सभी दलों के वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी सरकार एवं प्रशासन को अवगत कराया गया. बावजूद इसके शासन की अनदेखी के कारण जिले के किसानों के साथ अन्याय हुआ.
लगातार रखी कांग्रेस ने बात
जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि खरीफ फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. नुकसान का आंकलन करने पार्टी द्वारा बार-बार प्रशासन से गुहार लगाई. 4 सितम्बर से 16 सितम्बर तक ब्लॉक इकाईयों के द्वारा ज्ञापन सौंपे गये. 20 सितम्बर को कांग्रेस ने किसान न्याय यात्रा का आयोजन किया जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों ने शामिल होकर किसानों के हित में आवाज उठाई. हर समय यह आश्वासन दिया कि नुकसान का सर्वे उपरांत उचित मुआवजा मिलेगा.

पार्टी ने कहा कि सर्वे में कृषि विकास अधिकारी, पटवारी, पंचायत सचिव को शामिल किया जाए. हमे पूरा भरोसा था कि किसानों के लिए सरकार के मन, हृदय में स्थान है. किसानों को न्याय मिलेगा. किंतु ऐसा नहीं हुआ और मुआवजा राशि में शामिल जिलों में राजगढ़ राजगढ़ जिले को शामिल नहीं किया गया. ज्ञापन में कहा है कि जो सर्वे रिपोर्ट जिले में तैयार की है उसे हमें उपलब्ध कराया जाये.ज्ञापन सौंपते समय पूर्व विधायक रामचंद्र दांगी, बापू सिंह तंवर, हेमराज कल्पोनी, रामप्रसाद दांगी, कृष्ण मोहन मालवीय, राशिद जमील, कुशाग्र पंचौली सहित कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

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