
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि कुछ दिनों के लिए आयोजित किए जाने वाले धार्मिक आयोजनों का ऐसा विरोध स्वीकार्य नहीं है। वे उस याचिका की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें नवरात्र के दौरान गौरीघाट क्षेत्र स्थित एक दुर्गा पंडाल को अवैध बताया गया है। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि याचिकाकर्ता ने केवल गौरीघाट ही नहीं बल्कि पूरे शहर में लगे दुर्गा उत्सव पंडालों के विरुद्ध भी एक जनहित याचिका दायर की है। कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में त्वरित राहत देने से साफ इंकार कर दिया। न्यायालय ने मामले में उक्त दुर्गा पंडाल को भी पक्षकार बनाने के निर्देश देकर मामले निराकृत करने अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को नियत की है।
