भोपाल। पुलिस कमिश्नरेट की सक्रिय रणनीति और जनसंवाद आधारित अभियान ने राजधानी में अपराध नियंत्रण की तस्वीर बदल दी है. सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, नवाचार, नशामुक्ति अभियान और असामाजिक तत्वों की धरपकड़ के चलते गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि बलवा जैसे सामूहिक अपराधों में 90.2% की कमी आई है,वर्ष 2024 में जहाँ 17 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 2 रह गई. इसी तरह लूट के मामलों में 43.8%, नकबजनी में 21% और सादी चोरी में 29% की कमी दर्ज हुई है.
महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी नशे से दूरी है जरूरी और जनजागरूकता अभियानों ने प्रभाव दिखाया है. महिला अपराधों में अपहरण, शीलभंग और मारपीट जैसे मामलों में 6% से लेकर 38% तक गिरावट आई है.
वहीं, पुलिस की सख्त कार्रवाई से आबकारी, एनडीपीएस और पुलिस एक्ट के तहत प्रकरणों में वृद्धि हुई है, जो बताता है कि पुलिस नशे और असामाजिक गतिविधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है.
पुलिस की सक्रियता, नागरिक सहभागिता और निरंतर जनसंवाद से भोपाल में न केवल कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, बल्कि शहर ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है.
