हमारा देश आस्था और तपस्या से जुड़ा है 

जबलपुर। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विजयादशमी उत्सव का आयोजन रविवार को शाम 4 बजे से किया गया। इस बार का आयोजन विशेष ऐतिहासिक महत्व का रहा, क्योंकि यह संघ कार्य की शताब्दी वर्ष का प्रतीक बन गया। जानकारी के अनुसार वर्ष 1925 में विजयादशमी के ही दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा संघ की स्थापना की गई थी, तब से लेकर आज तक संगठन सामाजिक एकता, चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा के कार्य में तत्पर है। मालवीय नगर के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता विनोद नेमा, मुख्य अतिथि डॉ विशाल मेहरा, दुर्गा प्रसाद ग्यारसिया, नर्मदा भाग के संघ चालक अनिल जैन, मालवीय नगर संघ चालक मंचासीन थे। मुख्य वक्ता ने कहा कि हमारा देश आस्था और तपस्या से जुड़ा देश है। साथ ही अन्य कार्यक्रमों के मुख्य वक्ताओं ने कहा कि यह 100 वर्षों का सफर केवल संगठन की यात्रा नहीं, बल्कि समाज को सशक्त, संगठित और सजग बनाने का यज्ञ है, जिसमें लाखों स्वयंसेवकों का त्याग और सेवा समाहित है। इस अवसर पर अंचल सोनकर, मोहित सोनकर, मालवीय नगर कार्यवाहक, मृगेंद्र कुमार, सह कार्यवाहक, मीनेश जैन, पंकज दुबे आदि उपस्थित थे।

विभिन्न नगरों में एक साथ हुआ कार्यक्रम

संघ की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जबलपुर के सात प्रमुख स्थानों दुर्गावती नगर, सुभाष नगर, नर्मदा नगर, त्रिपुर सुंदरी नगर, गुप्तेश्वर नगर, केशव नगर, और मालवीय नगर में एक ही समय पर उत्सव आयोजित किए गए। इन सभी स्थलों पर स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

उमड़ा जनसैलाब

उत्सव में शामिल लोगों में खासा उत्साह देखा गया। हर आयोजन स्थल पर स्थानीय नागरिकों, युवाओं और बच्चों की उपस्थिति देखने को मिली। मंच से संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने शताब्दी वर्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला।

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