शिवपुरी: जिले के नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम ख्यावदा में साध्वियों और आचार्यों के साथ हुई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई क्रॉस एफआईआर से ग्रामीणों में आक्रोश है। बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर साध्वियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि साध्वी राधिकादास गुरु रामचरणदास (निवासी बेलबनगांव आश्रम वृंदावन जिला मथुरा), साध्वी दुर्गादेवी पुत्री गोविंद प्रसाद गौतम, नारायण प्रसाद आचार्य और साध्वी लक्ष्मीदेवी ग्राम ख्यावदा के हनुमान मंदिर पर पूजा कर रहे थे। इसी दौरान गांव की राजकुमारी परिहार, उसका बेटा राजू परिहार और अरविंद परिहार वहां पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों ने पहले माइक बंद करवाया और फिर साध्वियों व आचार्य को गालियां दीं।
जब साध्वी दुर्गादेवी ने विरोध किया तो राजू परिहार और अरविंद परिहार ने उनके साथ मारपीट की, बाल पकड़कर घसीटा और पेट व सीने पर लातें मारीं। साध्वी राधिकादास जब बीच-बचाव करने पहुंचीं तो राजकुमारी परिहार ने उनके बाल पकड़कर मुंह पर मुक्का मार दिया। इससे साध्वी का होठ फट गया और खून निकल आया। साध्वी लक्ष्मीदेवी को भी पीटा गया। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद से अब तक न तो दुर्गा सप्तशती का पाठ पूरा हो पाया है और न ही हवन-भंडारा। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और साध्वियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त नहीं होगी, तब तक पूजा-पाठ अधूरा ही रहेगा।
