किसानों के खून पसीने की कमाई निगल गया तत्कालीन पटवारी, 6 लाख का गबन, ईओडब्ल्यू जबलपुर ने दर्ज की एफआईआर

जबलपुर: सिवनी, घंसौर तहसील कार्यालय में पदस्थ रह चुके तत्कालीन पटवारी अरुण कुमार सनोडिय पिता सरमन लाल सनोडिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भोले-भाले किसानों के खून पसीने की कमाई और भू-स्वामियों को ठगी का शिकार बनाया। शातिर पटवारी ने सरकारी खजाने में राजस्व राशि जमा करने के बजाय, फर्जी चालान तैयार कर करीब 6 लाख रुपये का गबन कर डाला। इस भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की नई और सख्त धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर शिकंजा कस दिया है।
ऐसा हुआ मामले का भंड़ाफोड़
पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब एकता कॉलोनी, सिवनी के निवासी राजकुमार साहू ने ईओडब्ल्यू जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई। पीडि़त को वर्ष 2007 से 2025 तक के अपने मकान का टैक्स (राशि 5,400 रुपये) चुकाना था। पटवारी अरुण सनोडिया ने शातिर दिमाग लगाते हुए 31 अगस्त 2024 को यह राशि अपने पास ऑनलाइन ट्रांसफर करवा ली और पीडि़त को 30 अगस्त 2024 की तारीख का चालान थमा दिया। जब पीडि़त ने इस चालान को सरकारी ऑनलाइन पोर्टल पर चेक किया, तो उसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं मिला।

चालान पूरी तरह जाली था और टैक्स के पैसे सरकारी खाते के बजाय पटवारी की जेब में जा चुके थे। इसी तरह, एक अन्य पीडि़त रामकुमार कुशवाहा को भी इस शातिर पटवारी ने 89,550 रुपये का फर्जी चालान थमाकर ठगी का शिकार बनाया था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जब तत्कालीन एसडीएम सिवनी ने जिला कोषालय अधिकारी से इन चालानों का सत्यापन कराया, तो दोनों चालान सरकारी पोर्टल से गायब (फर्जी) पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
जांच का दायरा बढ़ा तो खुले कारनामे, फोन पे से रकम ट्रांसफर
विभागीय जांच शुरू होते ही आरोपी पटवारी के काले कारनामों की परतें खुलती चली गई। भू-स्वामी सुनील नाहर ने अपनी भूमि खसरा नं. 412/1 एवं 413/1 के लगान के लिए पटवारी को फोन पे के माध्यम से 44,856 रुपये ट्रांसफर किए थे। पटवारी ने उन्हें 6,300 और 32,001 रुपये के दो चालान दिए। जांच में पता चला कि 32,001 रुपये वाले चालान के एवज में सरकारी पोर्टल पर केवल 21,300 रुपये ही दर्ज थे, यानी सीधे तौर पर 17,256 रुपये का गबन किया गया। शीतल चंद भूरा के नाम पर जारी 5,04,000 रुपये का एक और भारी-भरकम चालान मिला। जब इस चालान को ट्रेजरी और ऑनलाइन पोर्टल पर सर्च किया गया, तो यह पूरी तरह गायब पाया गया। आरोपी पटवारी ने सुनियोजित तरीके से शासन को करीब 6 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुँचाई है।

Next Post

1.4 बिलियन डॉलर का साम्राज्य! बिना एक भी वर्ल्ड कप जीते कैसे दुनिया के सबसे अमीर एथलीट बने रोनाल्डो?

Wed Jul 8 , 2026
स्पेन से हारकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का फीफा वर्ल्ड कप सफर समाप्त हुआ। तंगी और हार्ट सर्जरी को मात देकर 1.4 बिलियन डॉलर की नेटवर्थ बनाने वाले रोनाल्डो की कहानी। फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो का वर्ल्ड कप सफर स्पेन के खिलाफ पुर्तगाल की हार के साथ समाप्त […]

You May Like