सतना: रीवा में आयोजित संभागीय बैठक में सतना लोकसभा क्षेत्र के सांसद गणेश सिंह ने क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात प्रमुखता से रखी। बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, अपर मुख्य सचिव के साथ-साथ राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, मंत्री राधा सिंह, सभी सांसद और विधायक मौजूद रहे। सांसद श्री सिंह ने सतना जिले की औद्योगिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए सड़क नेटवर्क, टाइगर प्रोजेक्ट, जिलों की सीमाओं, किसानों की समस्याओं और अन्य विकास योजनाओं पर जोर दिया। सांसद ने बैठक में सबसे पहले सतना को प्रभावित करने वाली एक प्रमुख सड़क परियोजना पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सिंगरौली से रीवा और कटनी होकर भोपाल जाने वाली सड़क कॉरिडोर से सतना मुख्यालय को हटा दिया गया है, जबकि सतना एक औद्योगिक जिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सतना को इस कॉरिडोर से जोड़ना आवश्यक है, ताकि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकें।
टाइगर प्रोजेक्ट पर सांसद की मांग,सीमाओं को न करें प्रभावित
बैठक में सांसद ने एक टाइगर प्रोजेक्ट का उल्लेख किया जिसका प्रस्ताव शासन स्तर पर पहले से दे रखा है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रोजेक्ट को कान्हा से बांधवगढ़, मैहर के सरसी मार्कण्डेय होकर बौद्ध स्थल भरहुत को जोड़कर पन्ना तक विस्तारित किया जाना चाहिए। इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी। बैठक में जिलों की सीमाओं को लेकर सांसद सिंह ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिलों की सीमाओं को किसी भी तरह से डिस्टर्ब नहीं किया जाना चाहिए। यदि निकटता के आधार पर सीमाओं में बदलाव किया जाने लगा, तो इसका कोई अंत नहीं होगा। इसलिए, मौजूदा व्यवस्था को यथावत रखा जाए। दरअसल, कुछ दिनों पहले मैहर जिले के कुछ गांवों, जिसमें टाइगर सफारी मुकुंदपुर शामिल है, को रीवा जिले में शामिल करने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था, जिसका जिक्र सांसद ने किया।
राज्य के कैलेंडर में हो चित्रकूट का दीपावली मेला
चित्रकूट में आयोजित होने वाले दीपावली मेले को लेकर सांसद ने मांग की कि इसे राज्य के कैलेंडर में शामिल किया जाए और इसके लिए बजट आवंटन किया जाए। इससे सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले इस मेले को अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए सांसद सिंह ने धान पंजीयन केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सतना और मैहर जिलों में अतिरिक्त केंद्र खोले जाएं, जहां किसान अपनी उपज का आसानी से उपार्जन कर सकें। विशेष रूप से, उन्होंने बेला, टिकुरी, बरती, बकिया, सिंगपुर, दुरहा और मैहर जिले में अतिरिक्त उपार्जन केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। साथ ही, गेहूं उपार्जन के दौरान कारीगोही, मनकीसर जैसी जगहों पर हुई गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभावित किसानों का बकाया भुगतान तुरंत किया जाए, क्योंकि किसान इससे परेशान हैं।
