छतरपुर। नवरात्रि के पावन अवसर पर जहां देशभर में मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जा रही है, वहीं छतरपुर जिले का हमा गांव अपनी अनोखी परंपरा के कारण चर्चा में है। यहां ज्योति प्रजापति नाम की महिला पूरे नौ दिनों तक व्रत रखकर काली माता मंदिर में साधना कर रही हैं। खास बात यह है कि साधना के दौरान वह अपने सिर पर माता का खप्पर रखे रहती हैं।
ज्योति प्रजापति का यह तपस्या रूप हर किसी के लिए अद्भुत और कठिन है। दिन-रात साधना के दौरान वह कभी खड़ी रहती हैं तो कभी बैठकर ध्यान करती हैं। उनके पति आनंद भी इस साधना में सहयोग कर रहे हैं और मंदिर परिसर में रहकर पत्नी की तपस्या में सहभागी बने हुए हैं।
पंडित सौरभ तिवारी का कहना है कि सिर पर खप्पर रखकर साधना करना बुंदेलखंड की प्राचीन परंपरा है, और यह साधना केवल विशेष स्थानों जैसे काली माता मंदिर में ही होती है। मान्यता है कि नवरात्रि के नौवें दिन माता का खप्पर शहर में भ्रमण करता है और भक्तों को दर्शन देता है। यह परंपरा महामारी और आपदाओं से नगर की रक्षा से भी जुड़ी मानी जाती है।
