खण्डवा: भारत सरकार के जल शक्ति अभियान- कैच द रेन के तहत शुरू की गई जल संचय, जन भागीदारी पहल में खण्डवा जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, इसके लिए खण्डवा जिले को 2 करोड़ रूपये का पुरस्कार मिलेगा।कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि जल संचय, जन भागीदारी के तहत खण्डवा जिले में गत मई माह के अंत तक जल संरक्षण के लिए 1,29,046 संरचनाएं बनाने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मूलमंत्र है जहां गिरे, जब गिरे वर्षा का जल, उसे संचित करें।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौड़ा ने बताया कि जल संचय, जन भागीदारी अभियान गत 6 सितंबर 2024 को जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग द्वारा शुरू किया गया था। यह अभियान कम लागत और वैज्ञानिक तरीकों से भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने की अवधारणा पर केंद्रित है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से जल संकट जैसी चुनौतियों का समाधान करना है। उन्होंने बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत खण्डवा में निर्मित ये संरचनाएं दीर्घकालिक और सतत जल प्रबंधन को बढ़ावा दे रही हैं।
जिले में बनीं 1.29 लाख जल संरचनाएं
मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौड़ा ने बताया कि जल संचय, जन भागीदारी अभियान के तहत खण्डवा जिले में ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना,15वां वित्त,5वां वित्त,सीएसआर एवं विशेषत: जनसहयोग से कुल 1,29,046 से अधिक संरचनाओं का निर्माण किया गया,जिनमें 12750 रिचार्ज पिट,1500 रिचार्ज सॉफ्ट,23570 डगवेल,5780 बोल्डर चेकडेम,1256 बोल्डर वॉल, 3960 बोरीबंधान,7455 पत्थर या मिट्टी के फील्ड बण्ड, 5500 गली प्लग, 3269 नाला ट्रेंच, 6528 हेण्डपम्प रिचार्ज, 39000 रूफ वाटर हार्वेस्टिंग,58 चेकडैम,स्टॉपडैम,तालाब, 4800 पोखर तालाब,2275 ड्रेनवर्क,1500 खेत तालाब, 68 कंटूर ट्रेंच, 750 सूखे बोर रिचार्ज,2462 जीर्णाेद्धार कार्य एवं 6560 अन्य जल संरक्षण संरचनाएं शामिल हैं
