इंदौर: हर रोज़ हेल्प लाईन नंबर और झोन स्तर पर पानी की किल्लत और दूषित पानी की शिकायतें दर्ज होती है. वहीं दूसरी ओर समस्याओं का निराकण करने के बजाय नगर निगम अधिकारी अपनी गलतियां मानने को राजी नहीं होते हैं.वार्ड क्रमांक 61 के रावजी बाज़ार क्षेत्र में बने ब्रिज के पास ही राधा गोविंद का बगीचा पड़ता है, जहां से पानी को लेकर एक मामला सामने आया है. क्षेत्र में कई दिनों से दूषित पानी की समस्या बनी हुई है. क्षेत्रवासियों से बात करने पर पता चला है कि राधा गोविंद का बगीचा में करीब तीन दशक से भी ज़्यादा पुरानी नर्मदा पानी की लाइन डली हुई है.
इस लाइन से क्षेत्र के अधिकांश घरों में कनेक्शन भी दिए गए हैं जिससे रहवासियों को पानी की पूर्ति होती आ रही थी. लेकिन कुछ वर्षो से पानी की इस लाइन से दूषित पानी आ रहा है जिसकी शिकायत भी कई बार हो चुकी है लेकिन अधिकारियों और जिम्मेदारों ने आज तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया. यहां पानी इतना दूषित होता है कि इसे इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं है. मजबूरन लोगों को दूर-दराज़ जाकर पानी लाना पड़ता है या फिर पैसे देकर पानी लेना पड़ रहा है.
इनका कहना है
पानी पूरी तरहा से गंदा आता है, जो पीने योग्य नहीं होता. नगर निगम को लाइन का फाल्ट ढूंढकर इसका सुधारीकरण कर लोगों को शुद्ध पानी देना चाहिए. यहां स्वास्थ्य का सवाल है.
– दिनेश वर्मा
क्षेत्र में नर्मदा की पैतीस वर्ष पुरानी लाईन है. कुछ सालों से उसमें गंदा पानी आ रहा है. क्षेत्र में नई लाइन भी डल चुकी है. दोनों नई लाइन में पानी गंदा ही आ रहा है.
– चंद्रकला बाई
पीने के पानी के लिए तो काली टंकी या दूर बनी बड़ी टंकी से पानी लाना पड़ता है. यहां पानी तो इतना गंदा है कि इसके पीने से बच्चे बड़े सभी बीमार पड़ जाते हैं.
– श्यामा बाई
नलों से काला पानी आता है. कुछ देर बाद पानी साफ आता है लेकिन बहुत बदबू वाला पानी होता है. कपड़े धोने नहाने के लिए तो ठीक है पीने के लिए पैसा देकर पानी लेते हैं.
– विमला बाई
